नई दिल्ली: दिल्ली में बुधवार को हुई INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपनी आगे की रणनीति पर चर्चा की। करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, सोनिया गांधी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए। बैठक के बाद नेताओं ने संयुक्त रूप से विपक्षी एकजुटता बनाए रखने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर साझा अभियान चलाने की घोषणा की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, बैठक में ममता बनर्जी ने INDIA गठबंधन के दायरे से बाहर के दलों से भी संवाद बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। हालांकि, उनके द्वारा राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने के समर्थन में दिए गए किसी स्पष्ट बयान की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है।
ममता ने विपक्षी दायरा बढ़ाने पर दिया जोर
बैठक में ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों के बीच व्यापक समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर लड़ाई को केवल INDIA गठबंधन तक सीमित रखने के बजाय दूसरे राजनीतिक दलों और समूहों तक भी पहुंच बनाई जानी चाहिए। उन्होंने बीजेडी से संपर्क किए जाने का भी उल्लेख किया।
राहुल के पीएम चेहरे पर स्पष्ट फैसला नहीं
बैठक को लेकर सामने आई रिपोर्टों में ममता बनर्जी द्वारा राहुल गांधी के प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में समर्थन की बात अलग-अलग तरीके से सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में उनके द्वारा सीधे तौर पर यह कहने की पुष्टि नहीं होती कि “राहुल गांधी के पीएम बनने पर मुझे कोई आपत्ति नहीं।” दावे को इसलिए सीधे तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
खरगे ने साझा संघर्ष पर रखा फोकस
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक के बाद विपक्षी दलों की साझा रणनीति पर जोर दिया। बैठक का मुख्य फोकस नेतृत्व का चेहरा तय करना नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया, SIR और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त राजनीतिक एवं कानूनी कार्रवाई रहा।
2 से 8 अक्टूबर तक 'सेव डेमोक्रेसी' मार्च का ऐलान
जिला स्तर पर होंगे प्रदर्शन
INDIA गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर के बीच देशभर में 'सेव डेमोक्रेसी' मार्च और जिला स्तर पर प्रदर्शन करने का फैसला किया है। विपक्षी दलों ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े अपने आरोपों को लेकर जनता के बीच अभियान चलाने की योजना बनाई है।
6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च
गठबंधन की घोषित कार्ययोजना के तहत विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करेंगे। इसके अलावा नवंबर में दिल्ली में एक बड़ी रैली आयोजित करने की भी घोषणा की गई है।
SIR को लेकर विपक्ष के सवाल
विपक्षी दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। बैठक में चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी गई। यह आरोप विपक्षी दलों के हैं और इन्हें निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पक्ष से अलग समझना जरूरी है।
राहुल गांधी बोले—'हम संविधान के सामूहिक रक्षक'
बैठक के बाद राहुल गांधी ने विपक्षी दलों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि INDIA गठबंधन के नेता भारतीय संविधान के “collective defenders” हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में विपक्ष साझा मुद्दों पर मिलकर काम करेगा। राहुल गांधी ने बैठक में SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की चिंताओं को सामने रखा। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग दोहराई है।
भाजपा का पलटवार, विपक्षी एकजुटता पर उठाए सवाल
INDIA गठबंधन की बैठक के बाद भाजपा नेताओं ने विपक्षी दलों की रणनीति पर सवाल उठाए। भाजपा की ओर से कहा गया कि गठबंधन के भीतर नेतृत्व और राजनीतिक रणनीति को लेकर मतभेद हैं। भाजपा नेताओं ने SIR और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों को भी खारिज किया है। इस तरह बुधवार की बैठक के बाद INDIA गठबंधन ने फिलहाल नेतृत्व के सवाल से ज्यादा चुनावी प्रक्रिया, SIR और विपक्षी एकजुटता से जुड़े मुद्दों पर साझा अभियान को प्राथमिकता दी है।