नई दिल्ली: देश के कई शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर होती जा रही है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही दिल्ली-NCR की हवा जहरीली होने लगी है, लेकिन इस बार देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में पंजाब के शहर भी शीर्ष पर हैं। सोमवार, 2 नवंबर को पंजाब के फरीदकोट में AQI 844 दर्ज किया गया, जो सूची में सबसे अधिक रहा। वहीं भटिंडा 830 और अमृतसर 739 AQI के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद भी 648 AQI के साथ सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहा।
देश के 5 सबसे प्रदूषित शहरों में पंजाब के 3
सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में पंजाब का दबदबा रहा। टॉप-5 में तीन शहर पंजाब से शामिल हैं।
फरीदकोट (पंजाब) – 844 AQI
भटिंडा (पंजाब) – 830 AQI
अमृतसर (पंजाब) – 739 AQI
करनाल (हरियाणा) – 659 AQI
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) – 648 AQI
इन आंकड़ों से साफ है कि वायु प्रदूषण की समस्या अब केवल दिल्ली-NCR तक सीमित नहीं रह गई है। पंजाब और हरियाणा के कई शहरों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की जा रही है।
दिल्ली-NCR में भी सांस लेना मुश्किल
दिल्ली-NCR के शहरों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। सोमवार को गाजियाबाद का AQI 648 दर्ज किया गया, जबकि नोएडा में यह 433 और दिल्ली में 418 तक पहुंच गया।वहीं गुरुग्राम में AQI 361 रिकॉर्ड किया गया। इन आंकड़ों के मुताबिक, पूरे NCR क्षेत्र में वायु गुणवत्ता खराब स्थिति में बनी हुई है। सर्दियों के दौरान तापमान में गिरावट और मौसम की परिस्थितियों के कारण प्रदूषक हवा में जमा हो सकते हैं।
बड़े शहरों का AQI कितना रहा?
सोमवार को देश के प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता की स्थिति इस प्रकार रही
शहर
AQI
गाजियाबाद
648
नोएडा
433
दिल्ली
418
गुरुग्राम
361
वाराणसी
182
पटना
174
रांची
163
लखनऊ
160
मुंबई
156
कोलकाता
151
हैदराबाद
150
चेन्नई
97
बेंगलुरु
87
बेंगलुरु और चेन्नई की हवा सबसे साफ
जहां उत्तर भारत के कई शहर प्रदूषण से जूझ रहे हैं, वहीं दक्षिण भारत के कुछ बड़े शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहतर रही।कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में AQI 87 दर्ज किया गया, जबकि चेन्नई में यह 97 रहा। दोनों शहरों की हवा अन्य बड़े शहरों के मुकाबले काफी साफ रही।हैदराबाद में 150, कोलकाता में 151 और मुंबई में 156 AQI दर्ज किया गया।
सर्दियों में और बढ़ सकती है प्रदूषण की समस्या
सर्दियों के मौसम में तापमान गिरने, हवा की गति कम होने और वातावरण में प्रदूषकों के ठहरने से कई शहरों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका रहती है। दिल्ली-NCR के साथ पंजाब और हरियाणा के शहरों में भी इस समस्या पर चिंता बढ़ रही है।ऐसे में प्रदूषण की रोकथाम के लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती है।