नई दिल्ली | भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। सिंधु ने जर्मनी के सारब्रुकन में आयोजित हाइलो ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया। रविवार को खेले गए फाइनल में उन्होंने डेनमार्क की लाइन होजमार्क केयर्सफेल्ट को सीधे गेमों में हराकर इस सीजन की दूसरी ट्रॉफी जीत ली। दूसरी वरीयता प्राप्त सिंधु ने 39 मिनट तक चले मुकाबले में 21-12, 21-14 से शानदार जीत दर्ज की। इससे पहले उन्होंने जुलाई में जापान ओपन का खिताब भी जीता था।
फाइनल में सिंधु का दमदार प्रदर्शन
फाइनल मुकाबले में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने सटीक शॉट्स, बेहतरीन नेट प्ले और चतुराई भरे स्ट्रोक्स के दम पर अपनी प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा। पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच शुरुआती मुकाबला बराबरी का रहा, लेकिन सिंधु ने जल्द ही 8-5 की बढ़त बना ली। इसके बाद उन्होंने लगातार बेहतर शॉट्स लगाए और 17-12 तक पहुंच गईं। अंत में पहला गेम 21-12 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में भी बरकरार रखी लय
दूसरे गेम में भी भारतीय खिलाड़ी ने अपनी लय नहीं खोई। सिंधु ने शुरुआत में 6-3 की बढ़त बनाई। डेनमार्क की खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन सिंधु ने लगातार विनर्स लगाकर 10-6 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद सिंधु ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत रखी और 17-11 तक पहुंच गईं। आखिरकार उन्होंने 21-14 से दूसरा गेम जीतकर खिताब पर कब्जा कर लिया।
इस सीजन का दूसरा खिताब, वर्ल्ड टूर फाइनल्स की उम्मीद मजबूत
जुलाई में जापान ओपन जीतने के बाद सिंधु पिछले सप्ताह फ्रेंच ओपन में उपविजेता रही थीं। अब हाइलो ओपन का खिताब जीतकर उन्होंने इस सीजन की दूसरी बड़ी सफलता हासिल की है। इस जीत से सिंधु को 9,200 रैंकिंग अंक मिले हैं। इससे सीजन के अंत में होने वाले BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने की उनकी उम्मीदों को मजबूती मिली है।
केयर्सफेल्ट के खिलाफ सिंधु का शानदार रिकॉर्ड
फाइनल से पहले डेनमार्क की लाइन होजमार्क केयर्सफेल्ट के खिलाफ सिंधु का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 6-1 था। केयर्सफेल्ट ने सिंधु को इससे पहले केवल एक बार 2015 सुदीरमन कप में हराया था। हाइलो ओपन में इस जीत के साथ सिंधु ने एक बार फिर साबित किया कि वह बड़े मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता रखती हैं।