इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में डीपफेक एआई तकनीक के जरिए ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 16 वर्षीय बच्चे की फर्जी किडनैपिंग और उसे चाकू मारते हुए दिखाने वाला एआई जनरेटेड वीडियो बनाकर बदमाशों ने परिजनों से 10 लाख रुपये वसूल लिए। बाद में पता चला कि बच्चा किडनैप ही नहीं हुआ था, बल्कि नाराज होकर घर से चला गया था।
वीडियो कॉल से मचा हड़कंप
मामला एमआईजी थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, डांट पड़ने के बाद 16 वर्षीय किशोर घर से निकल गया। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी। इसी बीच परिजनों को एक वीडियो कॉल आया, जिसने उनके होश उड़ा दिए। वीडियो में बच्चे को बंधक बनाकर चाकू मारते हुए दिखाया गया। ठगों ने बच्चे को छोड़ने के बदले 10 लाख रुपये की मांग की। घबराए परिजनों ने बताए गए क्यूआर कोड पर पूरी रकम ट्रांसफर कर दी। पैसे मिलते ही कॉल कट गया।
बच्चा मिला सकुशल, खुली सच्चाई
कुछ ही देर बाद जानकारी मिली कि किशोर देवास रेलवे स्टेशन पर मौजूद है। परिजन जब उसे लेने पहुंचे तो वह पूरी तरह सुरक्षित मिला। उसने बताया कि वह सांवरिया सेठ दर्शन के लिए गया था और उसका किसी ने अपहरण नहीं किया। इसके बाद परिजनों ने इंदौर क्राइम ब्रांच को ठगी की सूचना दी। जांच में सामने आया कि बदमाशों ने सोशल मीडिया पर डाली गई बच्चे की फोटो और संपर्क नंबर का इस्तेमाल कर डीपफेक वीडियो तैयार किया।
डीप फेक का पहला मामला
इंदौर के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला डीपफेक एआई तकनीक से की गई ठगी का प्रतीत होता है। संभवतः शहर में इस तरह की यह पहली वारदात है। पुलिस साइबर एंगल से मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
सतर्क रहने की जरूरत
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि इस तरह की कॉल आने पर घबराएं नहीं, तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें और बिना पुष्टि के किसी भी खाते या क्यूआर कोड पर पैसे ट्रांसफर न करें।
Comments (0)