मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित आजीविका विपणन क्षमता कार्यशाला में महिलाओं से संवाद किया और उनके अनुभवों को सुना। महिलाओं ने इस दौरान बताया कि आजीविका मिशन से उनका जीवन किस तरह खुशहाल बन रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, "यह नारी शक्ति का बड़ा उदाहरण है। बंद मुट्ठी की एकता से महिलाएं अर्थव्यवस्था की बड़ी ताकत बन रही हैं। सभी क्षेत्रों में महिलाएं मिलकर लक्ष्य प्राप्त कर रही हैं।"
हम भी मार्केटिंग कर सकते हैं
कार्यशाला में गुना की एक बहन ने चुनौती पेश की कि "हम महिलाएं हैं, तो हम क्या नहीं कर सकते? हम भी मार्केटिंग कर सकते हैं।" मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बताया कि दिवाली में लक्ष्मी पूजा की जाती है और आज आर्थिक रूप से सशक्त होने वाली बहनों की संख्या लाखों में है।
उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा, "कई बार लोग गलत बोल देते हैं। आप इनको पैसे वाला बनाओगे तो दारू पीएंगी।" मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टालों का दौरा कर महिलाओं के बनाए पैकेज का अवलोकन भी किया और कहा कि मातृ सत्ता हमारे यहां प्रथम रही है।
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में 5 लाख स्व-सहायता समूह हैं, जिनमें 65 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। इनमें से 12 लाख से अधिक महिलाएं अब लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष अक्सर हमारी महिलाओं की तुलना दूसरे देशों की संस्कृति से करता है, जबकि यहां की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर उदाहरण स्थापित कर रही हैं।
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