नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आयोजन को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। पिछले लगभग 20 साल से मार्च, अप्रैल और मई के महीने में होने वाला यह कैश-रिच टूर्नामेंट अब साल के दूसरे हिस्से में शिफ्ट हो सकता है। मई के महीने में पड़ने वाली भीषण गर्मी और खिलाड़ियों पर काम के बढ़ते बोझ (Workload) को देखते हुए बीसीसीआई नए शेड्यूल पर गंभीरता से विचार कर रहा है। आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल (IPL Chairman Arun Dhumal) ने संकेत दिए हैं कि भविष्य को ध्यान में रखकर इस पर चर्चा शुरू हो चुकी है।
भीषण गर्मी और खिलाड़ियों की थकान बनी मुख्य वजह
मई की चिलचिलाती गर्मी अब आईपीएल के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। कई मैदानों पर अत्यधिक तापमान के बीच खिलाड़ियों को खेलना पड़ रहा है, जिससे मैच और प्रैक्टिस के दौरान डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) और अत्यधिक थकान जैसी समस्याएं आ रही हैं। बीसीसीआई को डर है कि अगर भविष्य में मैचों की संख्या बढ़ी, तो इस भीषण गर्मी में टूर्नामेंट को सुचारू रूप से चलाना नामुमकिन हो जाएगा।
सितंबर-अक्टूबर की नई विंडो पर विचार, दिवाली का मिलेगा फायदा
गर्मी से बचने के लिए आईपीएल को सितंबर-अक्टूबर के महीने में आयोजित करने का प्रस्ताव सामने आया है। आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने कहा, "हमें अपने ब्रॉडकास्टर्स (प्रसारण भागीदारों) के साथ बैठकर बात करनी होगी कि क्या आईपीएल को किसी अन्य समय पर ले जाना संभव है। सितंबर-अक्टूबर की विंडो को लेकर चर्चा हुई है। एडवरटाइजिंग (विज्ञापन) के लिहाज से यह समय बेहद शानदार है क्योंकि यह ठीक दिवाली से पहले का वक्त होता है, जिससे स्पॉन्सर्स को बड़ा फायदा होगा। अगर फ्यूचर आईसीसी इंटरनेशनल शेड्यूल (FTP) में जगह मिलती है, तो हम इस पर गंभीरता से विचार करेंगे।" हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर और विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता को देखते हुए यह फैसला आसान नहीं होने वाला है।
94 हो सकती है मैचों की संख्या, होम-अवे नियम में बदलाव संभव
अरुण धूमल के मुताबिक, मौजूदा समय में आईपीएल में 10 टीमें खेलती हैं और कुल 74 मैच होते हैं। हर टीम को 7 होम और 7 अवे मैच मिलते हैं। लेकिन सभी टीमों को बराबरी का मौका देने के लिए हर टीम के 9 होम और 9 अवे मैच होने चाहिए। उन्होंने कहा, "फिलहाल अंतरराष्ट्रीय सीरीज के कारण समय की कमी है, लेकिन अगर भविष्य में हमें दो हफ्ते का अतिरिक्त समय मिलता है, तो मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 की जा सकती है।"
प्ले-ऑफ के मौजूदा नियम रहेंगे बरकरार
आईपीएल के मौजूदा प्ले-ऑफ नियमों को लेकर उठ रहे सवालों पर धूमल ने साफ किया कि इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। अंक तालिका (Points Table) की टॉप-2 टीमों को फाइनल में पहुंचने का जो अतिरिक्त मौका (क्वालीफायर 1 और 2) मिलता है, वह बेहद जरूरी है। उन्होंने तर्क दिया, "कोई टीम ढाई महीने तक कड़ी मेहनत करके टॉप पर पहुंचती है, ऐसे में सिर्फ एक खराब मैच के कारण वह टूर्नामेंट से बाहर हो जाए, तो यह नाइंसाफी होगी।"
टीबी व्यूअरशिप घटने की खबरों को किया खारिज
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि इस साल आईपीएल की टीवी व्यूअरशिप (दर्शकों की संख्या) कम हुई है, लेकिन धूमल ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि ये खबरें कहां से आ रही हैं। ब्रॉडकास्टर्स की हालिया रिपोर्ट बताती है कि पिछले साल की तुलना में दर्शक बढ़े हैं। क्षेत्रीय भाषाओं (Regional Languages) में कमेंट्री ने इसे देश के कोने-कोने तक पहुंचाया है और ब्रॉडकास्टर्स इस साल के आईपीएल से बेहद खुश हैं।"