ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को शुक्रवार को खोलने के ऐलान के बावजूद फिर से बंद कर दिया है। देश का कहना है कि अमेरिका ने सीजफायर डील का पालन नहीं किया है, इसलिए यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग अब पूरी तरह ईरानी सेना के नियंत्रण में रहेगा। ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी को हटाता नहीं, जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं मिलेगी। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने बयान जारी कर कहा कि इस मार्ग पर सख्त नियंत्रण लागू किया गया है और यह पूरी तरह से सेना के अधीन है।
ट्रम्प का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका हर हाल में ईरान के पास मौजूद एनरिच्ड यूरेनियम हासिल करेगा। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो यह प्रक्रिया और कड़ी हो सकती है। उनका कहना है कि समझौता होने तक अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी।
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया घटनाक्रम
हाल के 24 घंटे में अमेरिका और ईरान के बीच कई घटनाक्रम सामने आए हैं। दोनों देशों की टीमें सोमवार को पाकिस्तान में फिर से बातचीत कर सकती हैं, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने का संकेत दिया, लेकिन अमेरिकी रुख के कारण निर्णय पलट गया। इसके अलावा, ईरान ने नाकेबंदी हटाए बिना इस मार्ग को खुला नहीं छोड़ने की चेतावनी दी है।
फिर बढ़ेंगी तेल की कीमतें!
होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर सीधा असर डाल सकता है। यह मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री तेल परिवहन रास्तों में से एक है, जिससे विश्व बाजार में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। भारत सहित तेल आयात करने वाले देश महंगे तेल का सामना कर सकते हैं, जिससे ईंधन की कीमतों में वृद्धि और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, बंदरगाहों और शिपिंग मार्गों पर अनिश्चितता के कारण व्यापार और लॉजिस्टिक्स प्रभावित होंगे, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश की स्थितियाँ भी अस्थिर हो सकती हैं।
क्षेत्रीय तनाव और तुर्किये की प्रतिक्रिया
तुर्किये के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने इजराइल पर आरोप लगाया कि वह सुरक्षा के नाम पर जमीन कब्जाने का प्रयास कर रहा है। इसके बावजूद, इजराइल-लेबनान सीजफायर लागू होने के बाद भी इजराइल की सेना दक्षिणी लेबनान में अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में बनी रहेगी। इस बयान से क्षेत्र में तनाव अब भी कम नहीं हुआ है।
ईरान ने अमेरिकी-इजराइल-यूके नेटवर्क को निष्क्रिय किया
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिका, इजराइल और ब्रिटेन से जुड़े कई कथित नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। ये नेटवर्क जासूसी और अस्थिरता फैलाने में सक्रिय थे। IRGC ने बताया कि ये नेटवर्क ईस्ट अज़रबैजान, केर्मन और माजंदरान प्रांतों में निष्क्रिय किए गए।