जयपुर: जयपुर पुलिस ने हथियार तस्करी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी मध्य प्रदेश से अवैध हथियार लाकर जयपुर में सप्लाई करने का काम करते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पिछले करीब तीन साल से जयपुर में किराए के मकान में रह रहे थे। अपनी असली गतिविधियों पर शक न हो, इसके लिए दोनों दिहाड़ी मजदूर बनकर रहते थे। डीएसटी वेस्ट को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। शनिवार शाम घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया गया। आरोपियों के कब्जे से हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं।
दो पिस्टल, तीन मैग्जीन और पांच कारतूस बरामद
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धर्मेन्द्र उर्फ कुलविंदर उर्फ कुलदीप उर्फ अजय गुर्जर (24) और सोमित्रा लोधी (26) के रूप में हुई है। दोनों मध्य प्रदेश के भिण्ड-मुरैना इलाके के रहने वाले हैं। आरोपी जयपुर के खोराबीसल इलाके स्थित मां दुर्गा विहार-5 में किराए के मकान में रहते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से दो पिस्टल, तीन मैग्जीन और पांच कारतूस बरामद किए हैं। हथियारों को जब्त करने के बाद दोनों को खोराबीसल थाना पुलिस के हवाले किया गया। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर हथियार तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
डीएसटी को मिली सूचना, घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी
पुलिस के अनुसार डीएसटी वेस्ट के हेड कॉन्स्टेबल भरत सिंह को आरोपियों के संबंध में अहम सूचना मिली थी। सूचना थी कि मध्य प्रदेश से अवैध हथियारों की खेप लेकर दो युवक जयपुर के खोराबीसल इलाके में पहुंचे हैं। इसके बाद डीएसटी प्रभारी गणेश सैनी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम ने शनिवार शाम इलाके में घेराबंदी शुरू की। संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से पिस्टल, मैग्जीन और कारतूस बरामद हुए। इसके बाद दोनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए खोराबीसल थाना पुलिस को सौंप दिया गया।
तीन साल से जयपुर में रहकर कर रहे थे हथियार सप्लाई
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी करीब तीन साल से जयपुर में रह रहे थे। इस दौरान उन्होंने हथियारों की तस्करी और सप्लाई का काम जारी रखा। पुलिस को शक है कि इस अवधि में आरोपियों ने जयपुर में बड़ी संख्या में अवैध हथियार पहुंचाए हैं। आरोपी अपने ठिकाने और गतिविधियों को छिपाने के लिए दिहाड़ी मजदूरी का काम करते थे। इससे आसपास के लोगों को उनके हथियारों की तस्करी में शामिल होने का शक नहीं होता था। पुलिस अब उनके संपर्कों और हथियार खरीदने-बेचने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है। पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
डिमांड मिलने पर मध्य प्रदेश से लाता था हथियार
पूछताछ में पुलिस को हथियार सप्लाई करने के तरीके के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, जयपुर में हथियार की डिमांड आने के बाद धर्मेन्द्र के कहने पर सोमित्रा मध्य प्रदेश जाता था। वहां से अवैध हथियार खरीदकर उन्हें जयपुर लाया जाता था। इसके बाद दोनों आरोपी इन हथियारों को स्थानीय स्तर पर जरूरतमंद लोगों को बेचते थे। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में और भी लोग जुड़े हो सकते हैं। अब जांच टीम आरोपियों के मोबाइल संपर्क और संभावित खरीदारों के बारे में जानकारी जुटा रही है। साथ ही मध्य प्रदेश से हथियार उपलब्ध कराने वाले लोगों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
एक हथियार पर 10 से 15 हजार रुपये का मुनाफा
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री से मोटा मुनाफा कमाते थे। मध्य प्रदेश से हथियार खरीदने के बाद उन्हें जयपुर में बेचकर प्रति हथियार करीब 10 से 15 हजार रुपये तक का मुनाफा कमाने की बात सामने आई है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने जयपुर में पहले भी कई हथियार बेचने की जानकारी दी है। हालांकि, पुलिस अब उनके दावों की पुष्टि करने में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि अब तक कितने हथियार जयपुर लाए गए। साथ ही हथियार खरीदने वाले लोगों की पहचान भी की जा रही है।
पूछताछ में और हथियार मिलने की उम्मीद
खोराबीसल थाना पुलिस दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों के पास से बरामद हथियारों के अलावा और भी अवैध हथियार छिपाकर रखे गए हो सकते हैं। जांच टीम आरोपियों से उनके ठिकानों और हथियारों की सप्लाई से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी हासिल कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मध्य प्रदेश में हथियारों की सप्लाई उन्हें कौन करता था। इसके अलावा जयपुर में हथियार खरीदने वाले लोगों का नेटवर्क खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद हथियारों की और बरामदगी तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।