रायपुर. भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने सत्ता परिवर्तन को लेकर टिप्पणी करने वाले विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए रविवार को कहा कि उनकी ओछी हरकतें देश को यह बार-बार याद दिलाती हैं कि देश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व की कितनी सख्त जरूरत है। यहां स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में रनौत ने फ्रांस में हाल में फैली अशांति और दुनिया भर में जारी संघर्षों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं भारत के लिए प्रधानमंत्री मोदी के निर्णायक नेतृत्व को और भी जरूरी बनाती हैं। विपक्ष की टिप्पणियों पर उनकी प्रतिक्रिया तीखी रही।
फ्रांस की हिंसा का हवाला
सत्ता परिवर्तन को लेकर विपक्ष की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने दावा किया कि इस तरह की गिरी हुई हरकतें देश को बार-बार याद दिला रही हैं कि मजबूत नेतृत्व जरूरी है। आपने देखा कि कल रात फ्रांस में क्या हुआ। हर जगह आग लगा दी गई ऐतिहासिक इमारतों को नष्ट कर दिया गया और लूटपाट हुई। रनौत ने फ्रांस की घटनाओं को उदाहरण बनाकर भारत में स्थिर नेतृत्व की महत्ता रेखांकित की। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत को मजबूत हाथों की जरूरत है। विपक्ष की गतिविधियों को उन्होंने नकारात्मक बताया।
प्रशांत भूषण की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण की सत्ता परिवर्तन संबंधी टिप्पणी को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना हो रही है। इस सप्ताह की शुरुआत में संवाददाता सम्मेलन के दौरान भूषण ने कहा था कि किसी लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ असंतोष अपराध नहीं है और अब संघर्ष वास्तव में सत्ता परिवर्तन के लिए है। भाजपा के कई नेताओं ने इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रनौत ने भी इसी संदर्भ में विपक्ष पर निशाना साधा।
वैश्विक स्थिति और मजबूत नेतृत्व
रनौत ने कहा कि तीसरे विश्व युद्ध की संभावनाओं को लेकर दुनिया में जो स्थिति बनी हुई है उसे हर कोई देख रहा है। विपक्ष हर दिन यह दिखा रहा है कि भारत को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा क्यों है। उन्होंने वैश्विक संघर्षों और अस्थिरता का जिक्र करते हुए मोदी के नेतृत्व को अपरिहार्य बताया। मंडी की सांसद ने अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को भारत की आंतरिक राजनीति से जोड़कर अपना पक्ष रखा। मजबूत नेतृत्व को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा गया।
कोलकाता भगदड़ पर शोक
मंडी की सांसद ने कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के कारण 19 लोगों की मौत पर शोक जताया। उन्होंने इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की। दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर हुई इस दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। रनौत ने पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई। उत्सव के दौरान हुई इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने प्रशासन से सतर्कता बरतने की अपील की। शोक व्यक्त करते हुए उन्होंने मानव जीवन की रक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।
विपक्ष की रणनीति पर सवाल
कंगना रनौत ने विपक्ष की सत्ता परिवर्तन संबंधी बयानबाजी को ओछी हरकत करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियां देश की स्थिरता के लिए नुकसानदेह हैं। वैश्विक चुनौतियों के बीच आंतरिक विभाजन पैदा करने वाली बातों से देश कमजोर होता है। रनौत ने मोदी सरकार के नेतृत्व को निर्णायक और आवश्यक बताया। विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह देश की जरूरत को समझने के बजाय राजनीतिक स्वार्थ साधने में लगा है। उनके बयान ने राजनीतिक चर्चा को नया मोड़ दिया।
हवाई अड्डे पर हुई बातचीत
स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कंगना रनौत ने ये टिप्पणियां कीं। उन्होंने फ्रांस की हालिया हिंसा वैश्विक संघर्षों और घरेलू राजनीति को एक सूत्र में पिरोया। मोदी के नेतृत्व को देश की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों से जोड़कर प्रस्तुत किया। विपक्ष की आलोचना करते हुए उन्होंने अपने पक्ष को मजबूती से रखा। सांसद के रूप में उनके बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा पैदा की। मजबूत नेतृत्व की वकालत उनका मुख्य संदेश रहा।