कोलकाता में विधानसभा चुनाव के दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हो गया है। शहर और आसपास के इलाकों में बसों की संख्या अचानक कम हो गई है, जिससे आम लोगों को सफर करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चुनाव ड्यूटी में बसों की तैनाती से बढ़ी दिक्कत
जानकारी के मुताबिक बड़ी संख्या में बसों को चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है, जिसके कारण सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता काफी घट गई है। इसके चलते यात्रियों को बस स्टॉप पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और समय पर गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
ऑफिस जाने वाले, छात्र और मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित
इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर रोजाना यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, कॉलेज छात्र और दैनिक मजदूरों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई लोग देरी से अपने काम पर पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
किराए में बढ़ोतरी से बढ़ा आर्थिक बोझ
कई इलाकों में बसों की कमी के बीच किराए में भी बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आई हैं। मजबूरी में यात्रियों को ज्यादा पैसे देकर यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे आम जनता पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।
प्रशासन का दावा—चुनाव बाद होंगे हालात सामान्य
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया खत्म होते ही बस सेवाएं सामान्य कर दी जाएंगी और स्थिति पहले जैसी हो जाएगी। हालांकि फिलहाल लोगों को रोजमर्रा की यात्रा में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।