मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर देखने को मिल रहा है। भारत में भी एलपीजी (LPG) गैस को लेकर शुरुआती दिनों में चिंता का माहौल बना, खासकर कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने की खबरों के बाद। होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड कारोबार से जुड़े लोगों ने गैस की कमी की शिकायत की, जिससे उनके रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ा।
देश में एलपीजी की कोई वास्तविक किल्लत नहीं
हालांकि, केंद्र सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कहा है कि देश में एलपीजी की कोई वास्तविक किल्लत नहीं है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार मिडिल ईस्ट से गैस टैंकरों की आपूर्ति फिर से शुरू हो चुकी है और हाल ही में कई टैंकर भारत पहुंच चुके हैं। इससे सप्लाई चेन में सुधार आया है और वितरण व्यवस्था सामान्य होती जा रही है।
लोगों का भरोसा अब धीरे-धीरे लौट रहा है
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू बनी हुई है। सरकार ने यह भी आश्वस्त किया है कि घरेलू गैस उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस बीच, घबराहट में की जा रही बुकिंग में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, पैनिक बुकिंग में करीब 40 प्रतिशत की कमी आई है, जो इस बात का संकेत है कि लोगों का भरोसा अब धीरे-धीरे लौट रहा है।
जमीनी स्तर पर कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं
फिर भी, जमीनी स्तर पर कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। कई गैस एजेंसियों पर अभी भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं, और कमर्शियल उपभोक्ताओं को आंशिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर रहते हैं, तो आने वाले दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो सकती है। कुल मिलाकर, देश में रसोई गैस को लेकर शुरुआती घबराहट अब कम हो रही है और सप्लाई व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटती नजर आ रही है।
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