मुंबई: महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के भीतर जारी आंतरिक खींचतान और विपक्ष के बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सहयोगियों को साधने की कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास 'वर्षा' में सोमवार को महायुति समन्वय समिति की दो घंटे लंबी अहम बैठक आयोजित की गई।बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस के अलावा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार सहित तीनों दलों के वरिष्ठ मंत्री व नेता शामिल हुए। बैठक में फैसला लिया गया कि गठबंधन में आपसी समन्वय बनाए रखने के लिए यह बैठकें अब नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी।
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के बाद अलर्ट हुई बीजेपी
सूत्रों के मुताबिक, पुणे में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को युवाओं से मिले भारी समर्थन के बाद बीजेपी नेतृत्व सतर्क हो गया है। इसके साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों और मराठा आरक्षण के मुद्दे पर कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल के विरोध-प्रदर्शन के अल्टीमेटम ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे में बीजेपी ने महायुति सहयोगियों को साथ लेकर चलने की रणनीति बनाई है।
समन्वय बैठक में लिए गए बड़े फैसले
राजस्व मंत्री और बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता वाली समन्वय समिति की बैठक के बाद प्रमुख फैसलों की जानकारी दी गई:
1. सार्वजनिक बयानबाजी पर रोक: तीनों दलों ने सर्वसम्मति से तय किया है कि गठबंधन का कोई भी नेता या मंत्री सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी या आलोचना नहीं करेगा।
2. 171 राज्य निगमों में नियुक्तियां: लंबे समय से अटकी 171 राज्य-संचालित निगमों और महामंडलों में नियुक्तियों को एक महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। इन पदों का बंटवारा **50:30:20** के प्रस्तावित फॉर्मूले (बीजेपी-शिवसेना-एनसीपी) के तहत कार्यकर्ताओं को समायोजित करने के लिए किया जाएगा।
3. स्थानीय निकाय चुनाव मिलकर लड़ेंगे: पंचायत और नगर निकायों सहित आगामी सभी स्थानीय चुनाव महायुति के बैनर तले मिलकर लड़े जाएंगे।
4. विकास निधि का बंटवारा: जिला विकास निधि (DPC) का 70 प्रतिशत हिस्सा सीधे स्थानीय विधायकों को दिया जाएगा, जबकि शेष 30 प्रतिशत फंड जिले के पालक मंत्री द्वारा सहयोगी दलों में वितरित किया जाएगा।
एनसीपी ने मांगी वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी
बैठक के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने सरकार में अधिक निर्णय लेने की भूमिका की मांग उठाई। वरिष्ठ एनसीपी मंत्रियों ने कहा कि इसी वर्ष जनवरी में अजित पवार के असामयिक निधन के बाद से वित्त मंत्रालय मुख्यमंत्री फडणवीस के पास है। एनसीपी का तर्क है कि यह विभाग उनका अधिकार है और इसे पार्टी को सौंपा जाना चाहिए।
बीजेपी ने दिया एकजुटता का भरोसा
288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में बीजेपी के पास 132 सीटें हैं और निर्दलीयों के सहयोग से वह बहुमत के 145 के आंकड़े को आसानी से छू सकती है। बावजूद इसके, बीजेपी ने स्पष्ट किया है कि सरकार की सफलताओं और विफलताओं की सामूहिक जिम्मेदारी (Collective Responsibility) पूरे गठबंधन की होगी। बीजेपी ने सहयोगियों को भरोसा दिलाया है कि प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों में उनकी राय को पूरा सम्मान दिया जाएगा।