भोपाल/खंडवा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 अगस्त को ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में प्रस्तावित भव्य ‘पञ्चायतन मंदिर’ के निर्माण का शिलान्यास किया। संतों और संन्यास परंपरा के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में 45 पवित्र शिलाओं का पूजन कर मंदिर निर्माण की शुरुआत की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि भारत की सनातन चेतना और सांस्कृतिक विरासत के पुनर्जागरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
45 पवित्र शिलाओं का हुआ पूजन
ओंकारेश्वर के एकात्म धाम में आयोजित कार्यक्रम में षड्दर्शन संत मंडल के संत, संन्यास परंपरा के प्रतिनिधि और अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। सभी की उपस्थिति में विधि-विधान से 45 पवित्र शिलाओं का पूजन किया गया। इसके बाद पञ्चायतन मंदिर के निर्माण का औपचारिक शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ओंकारेश्वर की यह भूमि ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि इसी पावन क्षेत्र में आदि गुरु शंकराचार्य ने अपने गुरु से शिष्यत्व ग्रहण किया और सनातन चेतना के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया था।
‘अनेकता में एकता’ का संदेश देगा पञ्चायतन मंदिर
सीएम ने कहा कि एकात्म धाम में बनने वाला पञ्चायतन मंदिर भारतीय संस्कृति की उस परंपरा को आगे बढ़ाएगा, जो अनेकता में एकता का संदेश देती है। उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य धाम का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां सनातन संस्कृति की विरासत को नया स्वरूप मिला है, उसी तरह ओंकारेश्वर में पञ्चायतन मंदिर भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को साकार करेगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, मंदिर का निर्माण केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान देने का माध्यम बनेगा।
सिंहस्थ से पहले ओंकारेश्वर में होंगे कई विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ से पहले ओंकारेश्वर में कई विकास कार्य पूरे किए जाएंगे। इनमें पञ्चायतन मंदिर के साथ घाटों के निर्माण सहित अन्य सुविधाओं का विकास शामिल है। सरकार का उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर उन्हें विश्वस्तरीय स्वरूप देना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है और ओंकारेश्वर भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण केंद्र है।
सिंहस्थ से पहले निकलेगी ‘एकात्म यात्रा’
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एकात्म यात्रा’ के आयोजन की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ से पहले यह यात्रा आयोजित की जाएगी और देश के विभिन्न हिस्सों से होकर उज्जैन के सिंहस्थ क्षेत्र में पहुंचेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा के जरिए सनातन चेतना, आध्यात्मिक एकता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर को बताया आध्यात्मिक धरोहर
सीएम डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के दोनों ज्योतिर्लिंगों बाबा महाकालेश्वर और भगवान ओंकारेश्वर का उल्लेख करते हुए कहा कि ये केवल प्रदेश की धार्मिक पहचान नहीं हैं, बल्कि देश और दुनिया की आध्यात्मिक धरोहर का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत कर रहा है।
सरकार का फोकस धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत पर
पञ्चायतन मंदिर के शिलान्यास के साथ ओंकारेश्वर में धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की सरकार की योजना को भी गति मिलने की उम्मीद है। मंदिर निर्माण, घाटों के विकास और प्रस्तावित एकात्म यात्रा के जरिए सरकार ओंकारेश्वर को देश के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों में और मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
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