जयपुर : राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में बड़ा इजाफा होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से महिलाओं की आवाज और मजबूत होगी।
महिलाओं की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून सिर्फ प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक समावेशन को नई दिशा देगा। उनके अनुसार, इससे महिलाएं नीति-निर्माण और शासन के केंद्र में आकर अहम भूमिका निभा सकेंगी।
राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की बढ़ेगी भूमिका
सीएम शर्मा ने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से महिलाओं को अपने विचार रखने और फैसले लेने का बेहतर अवसर मिलेगा। इससे देश के विकास में उनका योगदान और अधिक प्रभावी रूप से सामने आएगा।
विकसित भारत के विजन से जुड़ा कदम
उन्होंने इस पहल को विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप बताते हुए कहा कि जब तक महिलाएं हर क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ेंगी, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने महिलाओं से इस ऐतिहासिक बदलाव का समर्थन करने की अपील भी की।
हर क्षेत्र में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, स्टार्टअप, खेल, विज्ञान और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने इसे सकारात्मक परिवर्तन का संकेत बताते हुए कहा कि समाज में संतुलित विकास के लिए महिलाओं की बराबर हिस्सेदारी जरूरी है।
सरकारी योजनाओं से मिला सशक्तिकरण
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जनधन योजना, उज्ज्वला योजना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी पहलों ने महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है। साथ ही “लखपति दीदी” जैसी योजनाओं ने आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया है और राज्य में लाखों महिलाएं इसका लाभ उठा चुकी हैं।
महिला सुरक्षा पर भी सरकार का फोकस
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विशेष सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। कालिका पेट्रोल यूनिट्स और एंटी-रोमियो स्क्वॉड्स की तैनाती से महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी दर्ज की गई है।
डिप्टी CM दीया कुमारी का बयान
वहीं उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को विधायी संस्थाओं में मजबूत प्रतिनिधित्व देगा। उन्होंने इसे सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे महिलाएं नीति निर्माण का अहम हिस्सा बनेंगी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में बड़ा इजाफा होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से महिलाओं की आवाज और मजबूत होगी।
महिलाओं की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून सिर्फ प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक समावेशन को नई दिशा देगा। उनके अनुसार, इससे महिलाएं नीति-निर्माण और शासन के केंद्र में आकर अहम भूमिका निभा सकेंगी।
राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की बढ़ेगी भूमिका
सीएम शर्मा ने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से महिलाओं को अपने विचार रखने और फैसले लेने का बेहतर अवसर मिलेगा। इससे देश के विकास में उनका योगदान और अधिक प्रभावी रूप से सामने आएगा।
विकसित भारत के विजन से जुड़ा कदम
उन्होंने इस पहल को विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप बताते हुए कहा कि जब तक महिलाएं हर क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ेंगी, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने महिलाओं से इस ऐतिहासिक बदलाव का समर्थन करने की अपील भी की।
हर क्षेत्र में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, स्टार्टअप, खेल, विज्ञान और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने इसे सकारात्मक परिवर्तन का संकेत बताते हुए कहा कि समाज में संतुलित विकास के लिए महिलाओं की बराबर हिस्सेदारी जरूरी है।
सरकारी योजनाओं से मिला सशक्तिकरण
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जनधन योजना, उज्ज्वला योजना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी पहलों ने महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है। साथ ही “लखपति दीदी” जैसी योजनाओं ने आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया है और राज्य में लाखों महिलाएं इसका लाभ उठा चुकी हैं।
महिला सुरक्षा पर भी सरकार का फोकस
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विशेष सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। कालिका पेट्रोल यूनिट्स और एंटी-रोमियो स्क्वॉड्स की तैनाती से महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी दर्ज की गई है।
डिप्टी CM दीया कुमारी का बयान
वहीं उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को विधायी संस्थाओं में मजबूत प्रतिनिधित्व देगा। उन्होंने इसे सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे महिलाएं नीति निर्माण का अहम हिस्सा बनेंगी।