नई दिल्ली- नीट पेपर लीक विवाद और देशभर में छात्रों के आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देर रात जारी किए गए वीडियो संदेश पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा है तो प्रधानमंत्री को संसद में आकर जवाब देना चाहिए, न कि देर रात वीडियो जारी कर एकतरफा संदेश देना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने, छात्रों से माफी मांगने और प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग की।
'वीडियो नहीं, संसद में जवाब दें प्रधानमंत्री'
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा कि लोकतंत्र में संसद सर्वोच्च मंच है। ऐसे समय जब पूरा देश शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर जवाब चाहता है, प्रधानमंत्री को संसद में उपस्थित होकर विपक्ष और देश के सवालों का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने लिखा कि "जब संसद चल रही हो, तब प्रधानमंत्री को संसद के पटल पर बयान देना चाहिए, आधी रात को वीडियो जारी कर 'मन की बात' नहीं करनी चाहिए।"
धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग दोहराई
खरगे ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है तो सबसे पहला कदम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना होना चाहिए। उनके अनुसार, इतने बड़े विवाद और लगातार उठ रहे सवालों के बावजूद शिक्षा मंत्री का पद पर बने रहना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद में आने से पहले धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त कर देना चाहिए।
'पहले छात्रों से माफी मांगिए'
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने केवल निष्पक्ष परीक्षा और जवाबदेही की मांग की, उनके खिलाफ लाठीचार्ज और अन्य कार्रवाई हुई।खरगे ने मांग की कि सरकार सार्वजनिक रूप से छात्रों से माफी मांगे और जिन अधिकारियों या एजेंसियों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
राहुल गांधी की मांगों को दोहराया
मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से उठाई गई मांगों का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार तीन प्रमुख मांगें उठा रही है—
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए।
छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए सरकार माफी मांगे।
छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि इन कदमों के बाद ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर सार्थक चर्चा हो सकती है।
PM मोदी ने वीडियो में क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात वीडियो संदेश जारी कर कहा कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए अधिकारियों ने मसौदा तैयार कर लिया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मसौदे पर कैबिनेट में चर्चा होगी और सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद संबंधित विधेयक को जल्द संसद में पेश कर पारित कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी व मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
NEET विवाद पर जारी है सियासी टकराव
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। एक ओर केंद्र सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट, सख्त कानून और प्रशासनिक बदलाव जैसे कदमों का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष का कहना है कि केवल घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि जवाबदेही तय करनी होगी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन भी जारी है। प्रदर्शनकारी लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।