नई दिल्ली: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। इनमें ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पी. विजयन समेत कई नेता शामिल बताए गए हैं। प्रदर्शन को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। वहीं, राजनीतिक विवाद के बीच भाजपा की ओर से प्रदर्शन को अराजकता फैलाने की कोशिश बताया गया है।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कई नेता हिरासत में
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी को दिल्ली के साउथ एवेन्यू इलाके में डेरेक ओ'ब्रायन, डोला सेन और पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ हिरासत में लिया गया। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।इसके अलावा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) के कई नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। विपक्षी नेताओं का यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर था।
दिल्ली से केरल तक प्रदर्शन, माकपा ने जताया विरोध
दिल्ली में नेताओं की हिरासत के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने केरल के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किए। कोझिकोड के बेपोर में विधायक पी. ए. मोहम्मद रियास के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला। कन्नूर में भी माकपा नेताओं ने प्रदर्शन किया। पार्टी ने संकेत दिया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के मुद्दे पर उसका विरोध जारी रहेगा।
इस बीच, पलक्कड़ में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के प्रदर्शन के दौरान हिंसा की सूचना मिली। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।
प्रियंका गांधी का आरोप- देश में लोकतंत्र नहीं रहा
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो रही है।प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि पहले 254 सांसदों के साथ मारपीट की गई और उन्हें अवैध तरीके से हिरासत में लिया गया।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि विपक्षी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद दिल्ली में बैरिकेडिंग की गई, परिवहन सेवाओं पर प्रतिबंध लगाए गए और कई स्थानों पर आवाजाही प्रभावित हुई।
BJP ने प्रदर्शन को बताया अराजकता की कोशिश
विपक्षी नेताओं की हिरासत और प्रदर्शन को लेकर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के जरिए राजधानी में अराजकता फैलाने और व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की गई।