इस साल मानसून की बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना जताई जा रही है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने इस साल के मानसून का अनुमान जारी किया है। देश में बारिश सामान्य से लगभग 6% कम रह सकती है।
मानसून का औसत और संभावित कमी
जून से सितंबर तक के चार महीनों में देश में बारिश का सामान्य औसत 868.6 मिमी है। सामान्य से कम मानसून का मतलब है कि बारिश कुल मिलाकर 90% से 95% के बीच रहेगी। स्काईमेट ने इस बार कुल बारिश का अनुमान 94% रखा है।
मानसून का महीनावार रुझान
जून: सामान्य बारिश की संभावना।
जुलाई से सितंबर: बारिश में गिरावट शुरू, खासकर अगस्त-सितंबर में मानसून कमजोर रहने के संकेत।
कहां कम होगी बारिश?
मध्य और पश्चिम भारत के मुख्य क्षेत्रों में इस बार बारिश कम रह सकती है। खासकर मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में अगस्त-सितंबर के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है।
पिछले साल का रिकॉर्ड
साल 2025 में दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से 8 दिन पहले 24 मई को केरल पहुंचा था। यह 16 साल में सबसे जल्दी मानसून पहुंचने का रिकॉर्ड था। आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल पहुंचता है, 11 जून तक मुंबई और 8 जुलाई तक पूरे देश में फैलता है। मानसून की वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से 17 सितंबर को शुरू होकर 15 अक्टूबर तक पूरी होती है।