वैश्विक तनाव के बीच हुए दो हफ्तों के सीजफायर का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ऊर्जा बाजार में स्थिरता आई है और आयातक देशों को राहत मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार, सीजफायर के बाद सप्लाई से जुड़ी चिंताएं कम हुई हैं, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव बना। इसका सकारात्मक असर अन्य बाजारों पर भी देखने को मिला है।
कीमती धातुओं में तेजी
कीमती धातुओं में भी तेजी देखी गई है। सोना और चांदी की कीमतों में उछाल आया है, क्योंकि निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया। वहीं, शेयर बाजार में भी मजबूती देखने को मिली है और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।
आर्थिक जानकारों के अनुसार
आर्थिक जानकारों का मानना है कि यदि सीजफायर लंबे समय तक कायम रहता है, तो वैश्विक बाजारों में और स्थिरता आ सकती है। हालांकि, भू-राजनीतिक स्थिति पर निवेशकों की नजर बनी हुई है, जो आगे की दिशा तय करेगी।