नई दिल्ली - भारत के स्टार ऑलराउंडर विजय शंकर ने भारतीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। विजय ने सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक लंबे और भावुक संदेश के जरिए अपने क्रिकेट सफर को याद किया।
देश के लिए खेलना गर्व का बात
विजय शंकर ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा है कि, क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी रहा है। 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू करने वाले विजय ने 25 साल लंबे सफर के बाद अब नए अवसरों की ओर बढ़ने का फैसला किया है। 35 साल के विजय शंकर ने लिखा कि, देश के लिए खेलना मेरे जीवन के सबसे गर्व और खुशी भरे पलों में से एक रहेगा।
मैंने सभी फॉर्मेंट से लिया संन्यास
इसके साथ ही उन्होंने आगे अपने इस लेख में लिखा है कि, मैंने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) से संन्यास लेने का फैसला किया है, ताकि नए अवसरों की तलाश कर सकूं और आगे भी क्रिकेट से जुड़ा रहूं, 2019 में भारत की वनडे वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा रहे विजय शंकर ने अपने करियर के खास पलों को भी याद किया। शंकर ने नागपुर में भारत के 500वें वनडे मैच में गेंदबाजी करने और वर्ल्ड कप में पहली ही गेंद पर विकेट लेने को अपने जीवन की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल बताया।
BCCI,TCA,GT,SRH,CSK और DC का धन्यवाद
अपने भावुक संदेश में विजय शंकर ने बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड), भारतीय टीम, तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TCA), त्रिपुरा टीम के साथ-साथ आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) फ्रेंचाइजीज गुजरात टाइटन्स (GT), सनराइजर्स हैदराबाद (SRH), चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) का धन्यवाद किया।
आलोचना का सामना करना पड़ा - विजय
इस दौरान भारत के स्टार ऑलराउंडर विजय शंकर ने यह भी स्वीकार किया कि क्रिकेट करियर के दौरान उन्हें आलोचना, ट्रोलिंग और काफी नफरत का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने हर मुश्किल का सामना सकारात्मक सोच के साथ किया।
क्रिकेट ही मेरी जिंदगी है - विजय शंकर
विजय शंकर ने आगे लिखा कि, मैंने बहुत ज्यादा नफरत और निगेटिविटी देखी है, लेकिन मैंने उसे नजरअंदाज कर आगे बढ़ने का रास्ता चुना। अगर मैं ऐसा कर सकता हूं तो कोई भी कर सकता है। क्रिकेट ने मुझे जिंदगी जीना सिखाया है। क्रिकेट ही मेरी जिंदगी है। उन्होंने अपने कोच, सपोर्ट स्टाफ, फिजियो, ट्रेनर, मीडिया, दोस्तों और परिवार का भी खास धन्यवाद किया।