मई के अंतिम दिनों में हुई व्यापक वर्षा ने मौसम के तेवर बदल दिए हैं। लंबे समय से जारी भीषण गर्मी और लू के प्रभाव में अब कमी आने लगी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में लू का असर कमजोर पड़ चुका है, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी अगले 24 घंटों के भीतर तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिल सकती है। मानसून की सक्रियता के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है, जिससे कई राज्यों में बारिश की परिस्थितियां बन रही हैं।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिली मजबूती
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और लक्षद्वीप क्षेत्र के कई हिस्सों में तेजी से प्रगति की है। अनुकूल मौसमीय परिस्थितियों के कारण मानसून का विस्तार और तेज होने की संभावना है। अगले चार से पांच दिनों के दौरान इसके दक्षिण भारत के अतिरिक्त क्षेत्रों में पहुंचने के लिए भी परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह गति कृषि और जल संसाधनों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है।
17 राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, त्रिपुरा, मिजोरम, नागालैंड, केरल, तमिलनाडु और अन्य कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी के दौरान हवाओं की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में पेड़ गिरने, बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने और यातायात बाधित होने जैसी घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
दिल्ली में गर्मी से राहत के संकेत
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ हल्की वर्षा और गरज-चमक की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की संभावना कम बताई गई है, लेकिन तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में कई जिलों पर विशेष नजर
उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आगरा और मेरठ सहित कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
किसानों और आम लोगों के लिए सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और तेज हवाओं का यह दौर जहां गर्मी से राहत देगा, वहीं कुछ क्षेत्रों में फसलों और बागवानी को नुकसान भी पहुंचा सकता है। किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था मजबूत रखने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है। आम लोगों को भी खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए।
मानसून की दस्तक से बढ़ी उम्मीदें
देश के अधिकांश हिस्सों में लोग लंबे समय से मानसून का इंतजार कर रहे थे। अब मानसून की बढ़ती सक्रियता ने जहां भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद जगाई है, वहीं कृषि क्षेत्र के लिए भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी, क्योंकि इससे न केवल मौसम बल्कि खेती-किसानी और अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक प्रभाव पड़ने वाला है।