भोपाल। देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मध्यप्रदेश के 50 आईएएस अधिकारियों को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी चुनाव आयोग के निर्देश पर अलग-अलग राज्यों में जाकर चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इन अधिकारियों को नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचना होगा। सभी अधिकारियों को पहले ही फरवरी में चुनाव संबंधी प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल
चुनाव ड्यूटी के लिए भेजे जा रहे अधिकारियों में कई विभागों के सचिव, आयुक्त, प्रबंध संचालक और अपर सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इनमें किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े, वित्त विभाग के सचिव लोकेश कुमार जाटव, राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दीपक सिंह, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्रीमन शुक्ला, नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे, मत्स्य विभाग के सचिव स्वतंत्र कुमार सिंह, हस्तशिल्प और हाथकरघा आयुक्त मदन विभीषण नागरगोजे, उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार और एमपी सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव शामिल हैं।
कई आयुक्त और सचिव भी जाएंगे
इसके अलावा आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, एमपी वित्त निगम इंदौर की प्रबंध संचालक वंदना वैद्य, प्रमुख राजस्व आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव, संचालक आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं सतेंद्र सिंह, सचिव जेल एवं परिवहन मनीष सिंह, आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं धनराजू एस, आयुक्त नगर एवं ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ, सदस्य राजस्व मंडल सपना निगम, संचालक कौशल विकास बसंत कुर्रे तथा संचालक लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण दिनेश श्रीवास्तव भी चुनाव ड्यूटी निभाएंगे।
इन अधिकारियों को भी मिली चुनावी जिम्मेदारी
चुनाव आयोग के आदेश पर संचालक पंचायत राज छोटे सिंह, आयुक्त आबकारी दीपक सक्सेना, अभिजीत अग्रवाल, आयुक्त कोष एवं लेखा भास्कर लक्षकार, लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव संजीव श्रीवास्तव, प्रशासन अकादमी के संचालक मुजीबुर्रहमान खान, आयुक्त सहकारिता मनोज पुष्प, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव दिनेश जैन, माशिमं इंदौर की संभागीय सचिव प्रीति जैन, ग्वालियर के अपर आयुक्त राजस्व वीरेंद्र कुमार, एमपी जल निगम के वीएस चौधरी कोलसानी और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त सौरव कुमार सुमन को भी चुनाव ड्यूटी में भेजा जाएगा।
अन्य अधिकारियों की भी लगी ड्यूटी
चुनाव के लिए जिन अन्य आईएएस अधिकारियों को पर्यवेक्षक बनाया गया है, उनमें अपर सचिव खनिज साधन विभाग भारती ओगरे, अपर सचिव वाणिज्यिक कर विभाग राजेश ओगरे, अपर सचिव वन विभाग राजेश बाथम, राज्य कृषि विपणन बोर्ड के एमडी कुमार पुरुषोत्तम, आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के एमडी अनुराग वर्मा, संचालक बजट राजीव रंजन मीना, एमपी ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के सीईओ दीपक आर्य, वित्त विभाग के अपर सचिव रोहित सिंह, महिला एवं बाल विकास आयुक्त निधि निवेदिता, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की सीईओ हर्षिका सिंह, गृह विभाग की अपर सचिव मनीषा सेंतिया, अपर आयुक्त राजस्व जबलपुर अमर बहादुर सिंह, उप सचिव राजस्व विभाग अजय देव शर्मा, चंद्रशेखर शुक्ला, पर्यटन विकास बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक अभय अरविंद बेडेकर, माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव बुद्धेश वैद्य, वाणिज्यिक कर इंदौर की अपर आयुक्त तन्वी हुड्डा, राज्य पर्यटन विकास निगम के एमडी दिलीप कुमार यादव, रोजगार गारंटी परिषद के सीईओ अवि प्रसाद और अशोकनगर कलेक्टर साकेत मालवीय शामिल हैं।
बंगाल में दो चरण में मतदान
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा। यहां 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग कराई जाएगी। वहीं तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा। केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा। पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
17.4 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान
मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार इन पांचों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में कुल 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इन राज्यों की 824 विधानसभा सीटों पर चुनाव कराया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही सभी राज्यों में आचार संहिता भी लागू कर दी गई है।
अशोकनगर कलेक्टर भी जाएंगे
मध्यप्रदेश से भेजे जा रहे अधिकारियों में अशोकनगर के कलेक्टर साकेत मालवीय का नाम भी शामिल है। वे भी चुनावी पर्यवेक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने संबंधित राज्य में जाएंगे। चुनाव आयोग के अनुसार इन अधिकारियों की जिम्मेदारी मतदान प्रक्रिया की निगरानी, चुनावी व्यवस्थाओं की समीक्षा और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना होगी।
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