मुंबई | दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान धार्मिक भावनाएं आहत होने और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए मुंबई पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने 20 से 22 अक्टूबर तक पानी में तैरती या आधी डूबी दुर्गा प्रतिमाओं की तस्वीरें खींचने, वीडियो बनाने और उन्हें प्रसारित करने पर रोक लगा दी है।
BNSS की धारा 163 के तहत जारी हुआ आदेश
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, पुलिस उपायुक्त (संचालन) अकबर पठान ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। इसका उद्देश्य विसर्जन के दौरान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने से रोकना और शहर में सार्वजनिक शांति बनाए रखना है।
विसर्जन के बाद किनारे पर आ जाती हैं प्रतिमाएं
आदेश के मुताबिक, 20 से 22 अक्टूबर के बीच मुंबई के विभिन्न जलाशयों में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। कुछ प्रतिमाएं पूरी तरह जल में विलीन नहीं हो पातीं और ज्वार के दौरान किनारे पर आ जाती हैं या झीलों में तैरती रहती हैं। इसके बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कर्मचारी ऐसी प्रतिमाओं को निकालकर दोबारा विसर्जित करने की प्रक्रिया पूरी करते हैं।
तस्वीरें और वीडियो साझा करने पर भी रोक
पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिन प्रतिमाओं का विसर्जन पूरी तरह नहीं हुआ है या जो आधी डूबी हुई हैं, उनकी तस्वीरें और वीडियो प्रसारित करने से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। इसी तरह, बीएमसी कर्मचारियों द्वारा प्रतिमाओं को पानी से निकालने के दृश्य साझा किए जाने से भी सार्वजनिक शांति प्रभावित होने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने एहतियाती आदेश जारी किया है। नागरिकों से आदेश का पालन करने और विसर्जन के दौरान धार्मिक संवेदनशीलता बनाए रखने की अपेक्षा की गई है।