नई दिल्ली - वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव को प्लेइंग-11 से बाहर रखने के फैसले पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने सवाल उठाए हैं। अश्विन का मानना है कि जब किसी गेंदबाज की विविधताएं विपक्षी बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन रही हों, तो उसे टीम से बाहर रखने के फैसले पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कुलदीप ने सीरीज के शुरुआती दो मुकाबले खेले थे, लेकिन इसके बाद उन्हें इंदौर और हैदराबाद में हुए मैचों की प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस फैसले पर हैरानी जताई और टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर चर्चा की।
अश्विन ने कुलदीप की गेंदबाजी का किया बचाव
अश्विन के मुताबिक, वेस्टइंडीज के बल्लेबाज कुलदीप की लेग-स्पिन और गुगली को समझने में परेशानी महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कुलदीप को बाहर बैठाना उन्हें हैरान करने वाला फैसला लगा।
पूर्व स्पिनर का तर्क था कि जिस गेंदबाज की विविधताएं विपक्षी टीम के लिए मुश्किल पैदा कर रही हों, उसका इस्तेमाल परिस्थितियों के मुताबिक किया जाना चाहिए। अश्विन ने यह भी कहा कि बड़े स्कोर वाले मुकाबले में कुलदीप की मौजूदगी भारत के लिए उपयोगी साबित हो सकती थी।
हैदराबाद मैच में 15 से 20 रन बचाने की संभावना
अश्विन का मानना था कि हैदराबाद जैसे बड़े स्कोर वाले मैच में कुलदीप खेलते, तो वह अपनी गेंदबाजी से 15 से 20 रन तक बचाने में मदद कर सकते थे। उनके मुताबिक, टी20 क्रिकेट में इतने रन भी मैच के परिणाम पर असर डाल सकते हैं।
हालांकि, यह अश्विन का आकलन है। किसी खिलाड़ी के खेलने से मैच का नतीजा बदल जाता, यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। टी20 मुकाबलों में गेंदबाजी, बल्लेबाजी, फील्डिंग और रणनीति सहित कई पहलू परिणाम तय करते हैं।
रांची में महंगे साबित हुए थे कुलदीप
अश्विन ने कुलदीप के शुरुआती दो मैचों के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, पहले मुकाबले में कुलदीप ने 33 रन देकर दो विकेट लिए थे, जबकि रांची में खेले गए दूसरे मैच में उन्होंने 53 रन खर्च किए थे। भारत को उस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।
अश्विन ने कहा कि अगर इंदौर के छोटे मैदान और छोटी बाउंड्री को देखते हुए कुलदीप को बाहर रखने का फैसला किया गया, तो उसके पीछे परिस्थितियों से जुड़ा तर्क हो सकता है। लेकिन रांची की हार का पूरा दोष कुलदीप पर डालना उचित नहीं है।
हार के लिए एक खिलाड़ी को जिम्मेदार ठहराना गलत
अश्विन ने इस बात पर जोर दिया कि किसी एक खिलाड़ी के प्रदर्शन को पूरी हार का कारण मानना सही नहीं है। क्रिकेट में नतीजा पूरी टीम के प्रदर्शन पर निर्भर करता है और हार के लिए जिम्मेदारी का आकलन करते समय सभी पहलुओं को देखना जरूरी है।
कुलदीप यादव को बाहर रखने पर अश्विन की टिप्पणी ने टीम चयन और परिस्थितियों के अनुसार गेंदबाजों के इस्तेमाल को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट का होता है, लेकिन अश्विन की राय ने यह सवाल जरूर उठाया है कि विपक्षी बल्लेबाजों के सामने किसी गेंदबाज की प्रभावशीलता को चयन में कितना महत्व दिया जाना चाहिए।