पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का एक और गंभीर मामला सामने आया है। नंदीग्राम के वेकुटिया क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता शक्तिपाद दास उर्फ फरिंग की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। स्थानीय लोगों ने उन्हें उनके घर से कुछ ही दूरी पर सड़क पर बेहोश पाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उनके शरीर पर कई गंभीर घाव थे और वे तुरंत चिकित्सा सहायता की स्थिति में नहीं थे।
अस्पताल में दम तोड़ा फरिंग
फरिंग को नंदीग्राम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित बदमाशों ने उन्हें बुधवार को तृणमूल की रैली में शामिल होने से रोकने की धमकी दी थी। परिवार का कहना है कि फरिंग की हत्या राजनीतिक विरोध और डराने-धमकाने की रणनीति का हिस्सा है।
तृणमूल उम्मीदवार के करीबी पर हमला
जानकारी के अनुसार, फरिंग नंदीग्राम से तृणमूल उम्मीदवार पवित्र कर के करीबी थे। आरोप है कि नामांकन दाखिल करने के समय फरिंग ने रैली में शामिल होने का विरोध नहीं किया, जिसके बाद गुरुवार सुबह उन पर हमला किया गया। इस हमले से नंदीग्राम के स्थानीय लोग गहरे सकते में हैं और इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया है।
चुनाव प्रचार के दौरान बढ़ती हिंसा
इससे पहले चुनाव प्रचार के दौरान दक्षिण 24 परगना के रायदीघी में एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या और कोलकाता के खास में तृणमूल कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या के मामले सामने आ चुके हैं। चुनावी रंजिश के दौरान कुल मिलाकर तीन लोगों की मौत हुई है और दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
पुलिस जांच और सुरक्षा उपाय
पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नंदीग्राम में तनाव को देखते हुए सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि चुनाव के दौरान कोई और हिंसा न हो।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि उनके समर्थक राजनीतिक विरोधियों को डराने और हिंसा में शामिल हैं। वहीं, भाजपा ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस राजनीतिक माहौल को खराब करने और घटना का फायदा लेने की कोशिश कर रही है।