नई दिल्ली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने इस घोटाले में शामिल दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक पेशेवर डॉक्टर है और दूसरा फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) का टीचर है। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद नीट पेपर लीक मामले में अब तक गिरफ्तार होने वाले आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
केमिस्ट्री और फिजिक्स के पेपर लीक कराने में थी मुख्य भूमिका
जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए पहले आरोपी का नाम डॉ. मनोज शिरूरे है, जो लातूर के रहने वाले हैं। आरोप है कि डॉ. मनोज ने एक कोचिंग सेंटर के मालिक के बेटे सहित तीन छात्रों को आरोपी पी. वी. कुलकर्णी से केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) का लीक हुआ प्रश्नपत्र दिलवाने में मुख्य भूमिका निभाई थी।
वहीं, दूसरे गिरफ्तार आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह हैं, जो पुणे के एक नामी कोचिंग सेंटर में फिजिक्स पढ़ाते हैं। जांचकर्ताओं का दावा है कि तेजस ने आरोपी मनीषा हवलदार से लीक हुआ फिजिक्स का प्रश्नपत्र हासिल किया था।
49 ठिकानों पर छापेमारी, लैपटॉप और मोबाइल जब्त:
इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने के लिए सीबीआई अब तक देश के 49 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर चुकी है। जांच के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच और डेटा विश्लेषण (Data Analysis) किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने NTA को लगाई कड़ी फटकार
इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि साल 2024 में प्रश्नपत्र लीक होने के समय तय दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया। अदालत ने बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं पर गहरा दुख भी व्यक्त किया है।
बार-बार परीक्षा से बढ़ा मानसिक तनाव, 5 छात्रों ने दी जान
एनटीए ने आगामी 3 जून को नए सिरे से नीट परीक्षा कराने की तारीख घोषित की है। लेकिन इस फैसले ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि बार-बार परीक्षा देना समाधान नहीं है, बल्कि यह परीक्षार्थियों के लिए शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न जैसा है।
इस परीक्षा विवाद और मानसिक तनाव के कारण अब तक कई छात्र अपनी जान गंवा चुके हैं। गौरतलब है कि बीते 2 मई को करीब 22 लाख छात्रों ने नीट की परीक्षा दी थी, जिसके बाद पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबरों से आहत होकर कई आत्महत्याएं सामने आईं। पिछले 16 मई को राजस्थान में एक परीक्षार्थी प्रदीप मेघवाल का शव फंदे से लटकता मिला था। परिवार का दावा है कि प्रदीप ने बहुत अच्छी परीक्षा दी थी और उन्हें 650 अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर से वे डिप्रेशन में चले गए। इसके बाद चार और नीट परीक्षार्थियों की आत्महत्या की दुखद खबरें सामने आ चुकी हैं।