नेपाल ने विदेशी ट्रैकर्स को कुछ प्रतिबंधित इलाकों में अकेले ट्रेकिंग की अनुमति देने का बड़ा फैसला लिया है। इसके साथ ही पुराना परमिट सिस्टम खत्म कर दिया गया है, जिसमें सिर्फ ग्रुप में आने वालों को ही इजाजत मिलती थी।
13 जिलों के 15 क्षेत्र थे प्रतिबंधित
चीन सीमा से सटे 13 पर्वतीय जिलों के 15 क्षेत्रों को प्रतिबंधित घोषित किया गया था। इनमें अपर मुस्तांग, तापलेजुंग, संखुवासभा, सोलुखुम्बु, दोलखा, रसुवा, गोरखा, मनांग, डोल्पा, मुगु, हुम्ला, बाजहांग और दार्चुला शामिल हैं।
नई शर्तों के साथ मिलेगा परमिट
नेपाल इमिग्रेशन विभाग के अनुसार अब सोलो ट्रैकर्स को भी परमिट मिलेगा, लेकिन कुछ शर्तों के साथ:
- आवेदन किसी अधिकृत एजेंसी के माध्यम से करना होगा
- एक ट्रेकिंग गाइड साथ होना अनिवार्य होगा
- एजेंसी को आपात स्थिति में रेस्क्यू की जिम्मेदारी लेनी होगी
गाइड नियम में भी बदलाव
नए नियम के अनुसार, एक गाइड के साथ अधिकतम 7 ट्रेकर्स ही जा सकेंगे। इससे बड़े समूहों को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा और सुरक्षा बढ़ेगी।
वीजा प्रक्रिया में राहत
अब ट्रेकिंग परमिट के लिए आवेदन करते समय विदेशी नागरिक अपने वीजा आवेदन नंबर (Submission ID) का भी उपयोग कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यह फैसला ट्रेकिंग एजेंसियों और पर्यटन संगठनों की मांग पर लिया गया है। इससे:
- पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
- स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- ट्रैकर्स की सुरक्षा बेहतर होगी