तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही चुनाव पर्यवेक्षकों ने वोट के बदले नकद वितरण रोकने के लिए निगरानी तेज करने की सिफारिश की है। अधिकारियों ने शहरी और घनी आबादी वाले इलाकों में निगरानी के लिए ड्रोन तैनात करने का सुझाव दिया है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर रियल-टाइम नजर रखी जा सके।
इन जिलों में हुई समीक्षा बैठक
इस मुद्दे पर हुई समीक्षा बैठक में चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम जैसे प्रमुख जिलों के पर्यवेक्षक शामिल हुए।
दुर्गम इलाकों में ज्यादा चुनौती
अधिकारियों के अनुसार, नकद वितरण की घटनाएं संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अधिक होती हैं, जहां पारंपरिक निगरानी टीमों को लगातार नजर रखना मुश्किल होता है।
तकनीक से कदाचार पर लगाम
ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी से इन इलाकों में नियंत्रण मजबूत किया जा सकता है और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है।
अभी तक नहीं आया आधिकारिक फैसला
इस प्रस्ताव पर भारत निर्वाचन आयोग या राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
151 करोड़ की जब्ती
आचार संहिता लागू होने के बाद से जांच एजेंसियों ने राज्यभर में कार्रवाई तेज की है। अब तक करीब 151 करोड़ रुपये की नकदी और कीमती सामान जब्त किया जा चुका है।
तकनीक पर बढ़ती निर्भरता
मतदान से पहले निगरानी को और कड़ा करने के प्रयासों के बीच ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल का प्रस्ताव चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।