भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए ऑपरेशन कवच के तहत शनिवार को ककरहवा स्थित एसएसबी कैंप में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस, एसएसबी, सीमा सुरक्षा से जुड़े विभागों और सीमावर्ती ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों ने भाग लिया।
संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने की अपील
बैठक को संबोधित करते हुए थानाध्यक्ष मोहाना जितेंद्र सिंह ने लोगों को ऑपरेशन कवच के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अवैध आवाजाही, तस्करी या अराजक तत्वों की सूचना तुरंत पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को दी जानी चाहिए।
बदलती आबादी और बढ़ती आवाजाही पर चिंता
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि सीमावर्ती गांवों में जनसंख्या के स्वरूप और बसावट में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों की सतर्कता और सहयोग सीमा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
सूचना तंत्र को और मजबूत करने पर सहमति
बैठक में एसएसबी अधिकारियों के अलावा सीमा शुल्क विभाग, एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट), सर्विलांस टीम और ग्राम सुरक्षा समिति के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी एजेंसियों ने सीमा पार होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखने और सूचना नेटवर्क को मजबूत बनाने पर सहमति जताई।
सीमा सुरक्षा में ग्रामीणों की भूमिका अहम
अधिकारियों ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीण सुरक्षा एजेंसियों की आंख और कान की तरह काम कर सकते हैं। समय पर दी गई जानकारी किसी भी बड़ी घटना को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।