नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के 12वें दिन भी सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से नहीं चल सकी। मंगलवार सुबह लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कुछ ही मिनटों में बाधित हो गई। लगातार हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर जारी टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया। विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सरकार से जवाब मांगते हुए संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के सांसद संसद भवन के मकर द्वार पर एकत्र हुए और राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।विपक्ष का कहना है कि इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
संसद में फिर हंगामेदार शुरुआत
सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद अपने स्थानों से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। पीठासीन अधिकारी ने कई बार सदस्यों से शांत रहने और सदन चलने देने की अपील की, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। अंततः कार्यवाही शुरू होने के लगभग तीन मिनट बाद ही लोकसभा को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने एनडीए सांसदों के साथ की बैठक
संसद की कार्यवाही से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद परिसर स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक 'मंगल मिलन' बैठक में शामिल हुए। बैठक में सरकार की रणनीति और संसद के मौजूदा सत्र को लेकर चर्चा हुई।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता और सांसद मौजूद रहे। माना जा रहा है कि आगामी संसदीय कार्यवाही और विपक्ष की रणनीति को देखते हुए सरकार ने अपने सांसदों के साथ समन्वय पर भी चर्चा की।
आज लोकसभा में पेश होगा अहम विधेयक
संसद की कार्यसूची के अनुसार केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को लोकसभा में 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल' पेश करेंगी। सरकार इस विधेयक पर चर्चा और आगे की प्रक्रिया पूरी कराने की तैयारी में है।
हालांकि, विपक्ष के लगातार विरोध और सदन में जारी हंगामे को देखते हुए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कार्यवाही सुचारु रूप से चल पाती है या नहीं। यदि सदन में गतिरोध बना रहता है तो विधायी कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
मानसून सत्र में लगातार बाधित हो रही कार्यवाही
मानसून सत्र के दौरान कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक खींचतान देखने को मिल रही है। विभिन्न विषयों को लेकर विपक्ष लगातार चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश में है। इसी कारण पिछले कई दिनों से संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है और कई बार सदन को स्थगित करना पड़ा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती है तो मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी हंगामे और गतिरोध की स्थिति बनी रह सकती है।