कोलकाता: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होते ही देशभर में ईंधन की कीमतों ने आसमान छूना शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पेट्रोल की कीमत में 3 रुपये 29 पैसे की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत 108 रुपये 74 पैसे हो गई है। वहीं, डीजल भी 3 रुपये 11 पैसे महंगा होकर 95 रुपये 13 पैसे प्रति लीटर पर पहुंच गया है। नई दरें आज से ही प्रभावी हो गई हैं।
युद्ध का हवाला और दिलीप घोष का तर्क
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच केंद्र सरकार ने लंबे समय तक कीमतों को स्थिर रखा था, लेकिन अब दबाव बढ़ने पर दाम बढ़ा दिए गए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "दुनिया में युद्ध जैसी स्थिति है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करना जरूरी है। हालांकि ईंधन की कमी नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण यह फैसला लेना पड़ा। अगर हम अभी थोड़ा कष्ट सहेंगे, तो भविष्य में बड़ी समस्या से बच पाएंगे। प्रधानमंत्री के पास पूरी जानकारी है और उन्होंने सोच-समझकर ही यह निर्णय लिया है।"
विपक्ष का तीखा हमला: "मोदी का हंटर फिर चला"
ईंधन की कीमतों में इस भारी उछाल के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर चौतरफा हमला शुरू कर दिया है।
कांग्रेस का तंज: कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, "जनता पर प्रधानमंत्री मोदी का हंटर फिर चला। पेट्रोल-डीजल 3 रुपये और CNG 2 रुपये महंगी हो गई। चुनाव खत्म होते ही मोदी जी ने वसूली शुरू कर दी है।"
डेरेक ओ'ब्रायन का प्रहार तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने निशाना साधते हुए कहा, "पहले वे आपके वोट लूटते हैं, फिर आपकी सबसे कमजोर नस पर वार करते हैं। यह वृद्धि बेहद अनुमानित थी।" इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पश्चिम बंगाल सरकार अब पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले VAT में कटौती करेगी।विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की आंच अब भारतीय रसोई और परिवहन तक पहुंच चुकी है, जिससे आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ने की आशंका है।