नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार सुबह 11:30 बजे कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस हाई-लेवल मीटिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा और वैश्विक हालात के भारत पर पड़ने वाले प्रभावों की व्यापक समीक्षा की जाएगी।
पिछली CCS बैठक में क्या हुआ था
1 अप्रैल को हुई पिछली CCS बैठक में भी प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया की स्थिति की समीक्षा की थी। उस दौरान कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों—खासकर LNG और LPG—की सप्लाई को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी दी थी। साथ ही बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने पर भी जोर दिया गया था।
पश्चिम एशिया संकट पर रणनीतिक चर्चा
सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हालिया घटनाक्रम बैठक का प्रमुख एजेंडा रहेगा। क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक अस्थिरता बढ़ी है, जिसका असर तेल कीमतों और व्यापार पर पड़ सकता है। सरकार इन हालात से निपटने के लिए शॉर्ट, मिड और लॉन्ग टर्म रणनीति पर विचार करेगी।
ऊर्जा सुरक्षा: ईंधन से बिजली तक पूरी तैयारी
सरकार ऊर्जा क्षेत्र को लेकर अलर्ट मोड में है। LNG और LPG की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पावर प्लांट्स में कोयले के स्टॉक पर भी खास नजर रखी जा रही है। लक्ष्य है कि देश में किसी भी तरह की बिजली कटौती या ऊर्जा संकट की स्थिति न बने।
खाद्य सुरक्षा और किसानों के लिए बड़ी तैयारी
बैठक में खरीफ और रबी फसलों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता पर भी चर्चा होगी। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसानों को समय पर खाद मिले और उत्पादन पर कोई असर न पड़े। इसके लिए वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों पर भी विचार किया जा रहा है।
आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन पर फोकस
CCS बैठक में खाद्य पदार्थों, ईंधन और अन्य जरूरी वस्तुओं की सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर रहेगा। सरकार का उद्देश्य है कि वैश्विक संकट के बावजूद देश में जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता बनी रहे और कीमतों पर नियंत्रण रखा जा सके।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत पर असर
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है। ऐसे में CCS बैठक में भारत की अर्थव्यवस्था, व्यापार और आयात-निर्यात पर संभावित प्रभावों का गहन विश्लेषण किया जाएगा। सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा कर रही है। कुल मिलाकर, यह CCS बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर आम नागरिकों की जरूरतों तक हर पहलू को ध्यान में रखते हुए अहम फैसलों की दिशा तय कर सकती है।