दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा मामला इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाली 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। लड़की की मां ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी बेटी को माफ कर दिया है। इस फैसले पर उन्होंने भावुक होकर हाथ जोड़ते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी बेटी को "नई जिंदगी" और खुद को सुधारने का एक अवसर मिला है। हालांकि, इस मामले में दर्ज पुलिस केस को लेकर कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।
मां बोलीं- "आज मेरी बेटी का नया जन्म हुआ"
मीडिया से बातचीत के दौरान नाबालिग की मां भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उनकी बेटी को माफ करना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मां के अनुसार, उनकी बेटी से गंभीर गलती हुई थी, लेकिन उसे सुधारने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि संयोग से जिस दिन यह संदेश मिला, उसी दिन उनकी बेटी का जन्मदिन भी था। इसलिए वह इस दिन को उसकी "नई शुरुआत" और "नया जन्म" मान रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि इतने बड़े पद पर होने के बावजूद क्षमा दिखाना उनकी उदारता को दर्शाता है।
FIR में उम्र गलत दर्ज होने का लगाया आरोप
मामले में कानूनी कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई को हुए प्रदर्शन के बाद पहले नोएडा में शिकायत दर्ज की गई थी, जिसे बाद में दिल्ली के संसद मार्ग थाना क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया। लड़की की मां का आरोप है कि एफआईआर में उनकी बेटी की उम्र 25 वर्ष दर्ज कर दी गई, जबकि वह केवल 15 वर्ष की नाबालिग है। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया कि यदि यह त्रुटि हुई है तो उसे सुधारा जाए और बच्ची के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मामले पर संवेदनशीलता से विचार किया जाए।
सरकार से सोशल मीडिया पर सख्ती की मांग
घटना के बाद लड़की की मां ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। उनके अनुसार, 20 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर कड़े नियंत्रण या प्रतिबंध जैसे कदमों पर विचार किया जाना चाहिए। मां का कहना है कि बच्चों को पढ़ाई और अपने भविष्य पर ध्यान देना चाहिए तथा उन्हें राजनीतिक गतिविधियों और प्रदर्शनों से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ संगठन अपने हितों के लिए नाबालिगों का इस्तेमाल करते हैं।
मामले ने पकड़ा राजनीतिक रंग
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। CJP से जुड़े अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया कि यदि प्रधानमंत्री ने लड़की को माफ कर दिया है तो क्या उसके खिलाफ दर्ज पुलिस मामला भी वापस लिया जाएगा या नहीं। फिलहाल इस विषय पर संबंधित एजेंसियों या सरकार की ओर से एफआईआर वापस लेने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
मामला क्यों बना चर्चा का विषय?
यह मामला कई वजहों से सुर्खियों में है-
विरोध प्रदर्शन में नाबालिग की कथित भूमिका।
प्रधानमंत्री द्वारा माफी दिए जाने का दावा।
एफआईआर में उम्र गलत दर्ज होने का आरोप।
सोशल मीडिया की भूमिका पर नई बहस।
नाबालिगों की राजनीतिक गतिविधियों में भागीदारी को लेकर उठे सवाल।
अभी क्या स्थिति है?
वर्तमान में इस मामले में पुलिस की कानूनी प्रक्रिया जारी है। वहीं, लड़की की मां लगातार सरकार से एफआईआर पर पुनर्विचार करने की अपील कर रही हैं। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।