नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन और योगदान को याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर की बुद्धिमत्ता, करुणा और जनकल्याण के प्रति समर्पण उन्हें भारतीय इतिहास की सबसे प्रेरणादायक शासकों में शामिल करता है।
पीएम मोदी ने किया भावपूर्ण नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन सुशासन, सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके योगदान को सम्मान और श्रद्धा के साथ याद करता है।
जनकल्याण और सुशासन की मिसाल थीं अहिल्याबाई
पीएम मोदी ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने अपने शासनकाल में साहस, दूरदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। उन्होंने हमेशा जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य किया।
मंदिरों और तीर्थस्थलों के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में मंदिरों, घाटों और तीर्थस्थलों के पुनर्निर्माण में अहिल्याबाई होलकर का योगदान अतुलनीय रहा। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
काशी विश्वनाथ मंदिर का कराया था जीर्णोद्धार
अहिल्याबाई होलकर के सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण शामिल है। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में धर्मशालाओं, घाटों और मंदिरों का निर्माण भी कराया, जिससे धार्मिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिला।
कौन थीं अहिल्याबाई होलकर?
अहिल्याबाई होलकर का जन्म 31 मई 1725 को हुआ था। वह मालवा साम्राज्य की प्रसिद्ध महारानी थीं और उन्हें भारत की सबसे दूरदर्शी महिला शासकों में गिना जाता है। उनके शासनकाल को न्याय, शांति और जनसेवा के लिए जाना जाता है। उन्होंने समाज सुधार, धर्म और विकास कार्यों के जरिए एक अलग पहचान बनाई।