वृंदावन - वृंदावन में संत महाराज महाराज की पदयात्रा पिछले दो दिनों से बंद होने के कारण उनके दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंचे हजारों भक्तों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। पुरुषोत्तम मास के अवसर पर महाराज जी इन दिनों एकांतवास में हैं और अपना अधिकांश समय यमुना तट पर साधना एवं आध्यात्मिक चिंतन में व्यतीत कर रहे हैं।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु वृंदावन पहुंचने लगे
प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा और दर्शन को लेकर भक्तों में हमेशा विशेष उत्साह रहता है। जैसे ही उनके पुनः पदयात्रा पर निकलने की खबर फैली, देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु वृंदावन पहुंचने लगे। महाराज जी की एक झलक पाने के लिए भक्त देर रात से ही परिक्रमा मार्ग के दोनों ओर कतारबद्ध होकर खड़े हो जाते हैं।
महाराज नियमित पदयात्रा पर नहीं निकले
हालांकि पिछले दो दिनों से महाराज जी अपनी नियमित पदयात्रा पर नहीं निकले हैं। इसके चलते सुबह से इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं हो सके। कई भक्त घंटों तक मार्ग पर खड़े रहे, लेकिन पदयात्रा शुरू न होने की सूचना मिलने के बाद उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
महाराज के दर्शन करने आए - श्रद्धालु
श्रद्धालुओं का कहना है कि वे केवल महाराज जी के दर्शन और आशीर्वाद के लिए लंबी दूरी तय कर वृंदावन पहुंचे थे। पदयात्रा बंद होने से उन्हें निराशा जरूर हुई, लेकिन वे महाराज जी के स्वास्थ्य और साधना को प्राथमिकता देते हुए उनके शीघ्र दर्शन की कामना कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा
बताया जा रहा है कि पुरुषोत्तम मास के दौरान प्रेमानंद महाराज अधिक समय एकांत साधना और भजन में व्यतीत कर रहे हैं। इसी कारण सार्वजनिक कार्यक्रमों और पदयात्रा की गतिविधियों में फिलहाल कमी देखी जा रही है। भक्तों को उम्मीद है कि एकांतवास की अवधि पूरी होने के बाद महाराज जी पुनः अपनी नियमित पदयात्रा शुरू करेंगे और श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा।