श्योपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कूनो नेशनल पार्क के दो दिवसीय दौरे के समापन पर चीता संरक्षण अभियान से जुड़े ‘चीता मित्रों’ से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। राष्ट्रपति ने स्थानीय समुदाय की भागीदारी को चीता संरक्षण की सफलता की कुंजी बताते हुए ग्रामीणों में जागरूकता फैलाने और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व को बढ़ावा देने के प्रयासों की प्रशंसा की।
कूनो में चीता मित्रों से किया सीधा संवाद
ग्वालियर एयरबेस के लिए रवाना होने से पहले राष्ट्रपति मुर्मु ने कूनो नेशनल पार्क से जुड़े चीता मित्रों से वन-टू-वन चर्चा की। उन्होंने जाना कि गांव-गांव जाकर किस प्रकार लोगों को चीतों के व्यवहार, उनकी सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। चीता मित्रों ने बताया कि उनकी टीमें लगातार ग्रामीणों के बीच संपर्क बनाकर वन्यजीव संरक्षण को लेकर सकारात्मक माहौल तैयार कर रही हैं।
ग्रामीणों को चीतों के प्रति जागरूक कर रहे चीता मित्र
संवाद के दौरान चीता मित्रों ने राष्ट्रपति को बताया कि स्थानीय लोगों को यह समझाया जा रहा है कि चीते सामान्य परिस्थितियों में मनुष्यों पर हमला नहीं करते और वे स्वभाव से आक्रामक नहीं होते। यदि कोई चीता खेतों या आबादी वाले क्षेत्र में दिखाई देता है तो ग्रामीणों को उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देने के लिए प्रेरित किया जाता है। इससे संरक्षण प्रयासों को मजबूती मिल रही है।
चीता पुनर्बसाहट में स्थानीय समुदाय की भूमिका अहम
चीता मित्रों ने बताया कि भारत में चीतों की पुनर्बसाहट की परियोजना को सफल बनाने में स्थानीय समुदाय की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है। ग्रामीणों और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय के कारण संरक्षण कार्यों को गति मिली है और लोगों में वन्यजीवों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो रही है।
राष्ट्रपति ने संरक्षण कार्यों को बताया प्रेरणादायक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चीता मित्रों द्वारा मानसेवी रूप से किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के संवर्धन में स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।
कई चीता मित्र और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर कुलदीप आदिवासी, संग्राम आदिवासी, राजनंदनी आदिवासी, मल्हा आदिवासी, शिवम आदिवासी, विनोद आदिवासी, रामलखन आदिवासी, लालाराम आदिवासी, दौलतराम आदिवासी और सतीश आदिवासी सहित कई चीता मित्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक शुभरंजन सेन, कमिश्नर सुरेश कुमार, आईजी सचिन अतुलकर, कलेक्टर शीला दाहिमा, एसपी सुधीर अग्रवाल, सीसीएफ उत्तम कुमार और डीएफओ आर. थिरूकुराल समेत वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।