Rajasthan Monsoon Update: लंबे इंतजार के बाद राजस्थान में मानसून ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। हाड़ौती अंचल के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 10 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अगले 4 से 5 दिनों तक पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बारिश की वापसी से जहां भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं खरीफ फसलों की बुवाई कर चुके किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं।
क्यों अचानक बदला राजस्थान का मौसम?
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) अब सक्रिय हो गया है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, जिससे राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस मौसम तंत्र का सबसे अधिक असर कोटा संभाग और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में देखने को मिल रहा है, जहां कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है।
इन 10 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना जताई है। इनमें प्रमुख रूप से—
कोटा
बूंदी
बारां
झालावाड़
उदयपुर संभाग के कई जिले
अजमेर
जयपुर
भरतपुर
बीकानेर
आसपास के अन्य पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिले
इन क्षेत्रों में तेज बारिश, जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।
हाड़ौती में किसानों के लिए राहत की बारिश
हाड़ौती क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। अधिकांश किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई कर दी थी, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से चिंता बढ़ रही थी। अब लगातार हो रही बारिश से-
खेतों में नमी बढ़ेगी।
सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा।
सिंचाई पर निर्भरता कम होगी।
फसल की शुरुआती बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है।
अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम?
IMD के अनुसार-
कोटा और उदयपुर संभाग में अगले 4-5 दिन बारिश जारी रह सकती है।
कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
जून रहा कमजोर, जुलाई में मानसून ने पकड़ी रफ्तार
इस वर्ष जून में राजस्थान के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी, जिससे किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई थी। हालांकि जुलाई की शुरुआत के साथ मानसून सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। अजमेर, जोधपुर, पाली, सीकर और बाड़मेर सहित कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी राजस्थान में भी बादलों की आवाजाही बढ़ने लगी है, जिससे आने वाले दिनों में वहां भी अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है।
मुंबई की बारिश का असर राजस्थान की ट्रेनों पर भी
मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा है। इसके चलते जयपुर रूट की कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।
बांद्रा–हिसार एक्सप्रेस रद्द रही।
बांद्रा–जयपुर एक्सप्रेस भी रद्द की गई।
कई अन्य ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया।
कुछ ट्रेनों के समय में बदलाव और देरी भी दर्ज की गई।
यदि आप अगले कुछ दिनों में रेल यात्रा करने वाले हैं, तो रवाना होने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें।
बारिश के दौरान क्या रखें सावधानी?
मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें।
तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
नदी, नाले और पुलिया पार करने से पहले स्थिति की जानकारी लें।
बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम अपडेट पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।