बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पद की शपथ लेने के कुछ ही समय बाद मुख्य सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) पहुंचकर औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया। उनके पहुंचते ही प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
पहली ही बैठक में सख्त रुख
कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने वरीय अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने, पारदर्शिता बनाए रखने और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में साफ संकेत दिया गया कि अब शासन व्यवस्था में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फाइलों पर तेज़ी से फैसले
सीएम ने पहले दिन ही कई महत्वपूर्ण फाइलों का निपटारा किया और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़े मुद्दों पर त्वरित निर्णय सुनिश्चित किए जाएं।
राजनीतिक सफर में बड़ी उपलब्धि
सम्राट चौधरी ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है। वह राज्य में इस पद तक पहुंचने वाले भाजपा के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए हैं। उनका यह सियासी सफर काफी तेजी से आगे बढ़ा है, जिसने उन्हें राज्य की राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है।
प्रशासन में बदलाव के संकेत
पहले ही दिन के सख्त रुख से यह साफ हो गया है कि नई सरकार प्रशासनिक ढांचे में बदलाव और कामकाज में तेजी लाने के मूड में है। आने वाले दिनों में इसका असर राज्य की शासन व्यवस्था पर देखने को मिल सकता है।