नई दिल्ली. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले सीजेपी के प्रदर्शन का समर्थन किया है लेकिन उन्होंने इसमें शामिल होने में असमर्थता जताई है। वांगचुक ने कहा कि वह सर्दियों की तैयारियों में बिजी हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से हर हाल में शांतिपूर्ण रहने की अपील भी की। कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाली है। संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची के एसआईआर में गड़बड़ियां हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर सीजेपी देशभर में अभियान चला रही है। वांगचुक का संदेश समर्थन और सावधानी दोनों को दर्शाता है।
एक्स पर वीडियो पोस्ट में अपनी बात
सोनम वांगचुक ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उनके काम में रुकावट डालने और उसे नुकसान पहुंचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक और सर्दी आने वाली है और इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। इन तैयारियों में पानी की सुरक्षा के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाना और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी ग्लेशियर की झीलों से अचानक आने वाली बाढ़ के खतरे को समझने के लिए प्रयोग करना शामिल है। ऊंचे हिमालयी इलाकों में ऐसी 200 से ज्यादा झीलें खतरा बनी हुई हैं। उन्होंने इनके खतरे को कम करने की जरूरत पर जोर दिया।
फैज की शायरी से संदेश
प्रदर्शनकारियों को शुभकामनाएं देते हुए सोनम वांगचुक ने उर्दू के मशहूर शायर फैज अहमद फैज की पंक्तियों का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा। इन पंक्तियों के जरिए उन्होंने कहा कि राजनीति के अलावा भी कई जरूरी मुद्दे हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है। अपनी पोस्ट के आखिर में उन्होंने लिखा उम्मीद है कि हम बापू को निराश नहीं करेंगे। शायरी के माध्यम से उन्होंने राजनीतिक मुद्दों से इतर पर्यावरण और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों की प्राथमिकता बताई।
हिमालयी क्षेत्रों में सर्दियों की तैयारी
वांगचुक वर्तमान में हिमालयी क्षेत्रों में पानी की सुरक्षा और ग्लेशियर संबंधी खतरों से निपटने के काम में जुटे हैं। कृत्रिम ग्लेशियर बनाने और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड के जोखिम को समझने के प्रयोग उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा हैं। ऊंचे इलाकों में 200 से अधिक झीलें संभावित खतरा बनी हुई हैं। उन्होंने इन खतरों को कम करने की जरूरत पर जोर दिया। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अपने काम को जारी रखने की बात कही। सरकार की तरफ से रुकावटों के बावजूद वे अपने मिशन पर अडिग हैं।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
सोनम वांगचुक ने प्रदर्शनकारियों से हर हाल में शांतिपूर्ण रहने की अपील की। सीजेपी के अभियान को समर्थन देते हुए भी उन्होंने जंतर-मंतर पर शारीरिक उपस्थिति से दूरी बनाए रखी। उनके संदेश में बापू यानी महात्मा गांधी के आदर्शों का जिक्र भी शामिल है। शायरी और पर्यावरणीय कार्यों के माध्यम से उन्होंने व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। राजनीति के साथ-साथ अन्य गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित किया। उनका बयान समर्थन और प्राथमिकताओं के संतुलन को दर्शाता है।