ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर ने श्रीनगर में भावनात्मक माहौल को उबाल पर ला दिया। शहर के कई हिस्सों में लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। भीड़ बढ़ने और नारेबाजी तेज होने के बाद स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों को मोर्चा संभालना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल
सोमवार को स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। कई जगहों पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण झड़पों की भी खबरें आई हैं। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर काबू पाने और हिंसा की आशंका को रोकने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक थी।
पूरी घाटी में पाबंदियां, जिले-दर-जिले निगरानी सख्त
बढ़ते विरोध को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कश्मीर के सभी जिलों में पाबंदियां लागू कर दी हैं। श्रीनगर में कई इलाकों में आवाजाही सीमित कर दी गई है और सुरक्षा तैनाती को बड़े स्तर पर बढ़ाया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
दो दिनों के लिए स्कूल-कॉलेज बंद
लगातार बिगड़ती परिस्थितियों को देखते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार ने घाटी के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय दो दिनों के लिए बंद करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि जमीनी हालात की समीक्षा के बाद ही आगे का फैसला किया जाएगा। प्रशासन का फोकस फिलहाल शांति बहाल करने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर है।
सरकार हालात पर करीबी नजर रखे हुए है
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हर स्तर पर हालात का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार, किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और शांति व्यवस्था के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पूरे क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताया जा रहा है।
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