दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली यूजीसी रोलबैक सवर्ण महापंचायत को फिलहाल टाल दिया गया है। यह फैसला केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत एवं उनके प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई मुलाकात के बाद लिया गया। बैठक प्रदर्शन शुरू होने से कुछ ही घंटे पहले नड्डा के आवास पर हुई। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बातचीत बहुत अच्छे माहौल में संपन्न हुई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और अगले तीन हफ्तों में दोबारा बैठक की जाएगी।
जेपी नड्डा का आश्वासन और सोशल मीडिया पोस्ट
जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर बैठक की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि आज मैंने अपने आवास पर राज शेखावत यानी क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष, यूजीसी रोलबैक सवर्ण महापंचायत समिति के संस्थापक और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा की। नड्डा ने कहा कि इस बैठक में उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा हुई। सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और अगले तीन हफ्तों में उनके साथ एक और बैठक की जाएगी। इस आश्वासन के बाद महापंचायत टालने का फैसला लिया गया।
प्रस्तावित प्रदर्शन का उद्देश्य
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन का उद्देश्य आरक्षण नीतियों और हाल ही में अधिसूचित यूजीसी यानी उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम 2026 को लेकर चिंताएं उठाना था। इसी के विरोध में यह महापंचायत बुलाई गई थी। आयोजकों का कहना था कि सरकार के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखना है। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने पहले सोशल मीडिया पर सभी सामान्य नागरिकों से महापंचायत में शामिल होने का आह्वान किया था। उन्होंने नियमों का पालन करने और एक-दूसरे का सम्मान करने की अपील की थी।
पुलिस और अदालत का रुख
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने 20 सितंबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी पुलिस के इस फैसले के खिलाफ तुरंत सुनवाई करने से मना कर दिया था। अनुमति न मिलने के बाद क्षत्रिय करणी सेना द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। पुलिस और अदालत के रुख के कारण प्रदर्शन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। ऐसे में केंद्रीय मंत्री से मुलाकात और आश्वासन के बाद महापंचायत टालने का फैसला व्यावहारिक कदम माना जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख चेहरे
बैठक में करणी सेना और अन्य संगठनों के कई प्रतिनिधि शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल में समृद्ध सनातन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शुभांशु सिंह राजपूत, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष आरके सिंह, क्षत्रिय करणी सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला विंग अधिवक्ता संगीता सिंह और सवर्ण महापंचायत समिति के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता हिमांशु शर्मा मौजूद रहे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार जितेंद्र सिंह भी बैठक में उपस्थित थे। सभी ने सौहार्दपूर्ण माहौल में अपनी बात रखी।