मूर्शिदाबाद: उत्तर प्रदेश एटीएस (Anti-Terrorism Squad) ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध तरीके से भारतीय पहचान पत्र बनाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी लंबे समय से एटीएस की हिट लिस्ट में था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। इस पूरी कार्रवाई से सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय फर्जी दस्तावेज गिरोहों में हड़कंप मच गया है।
मूर्शिदाबाद के रघुनाथगंज से दबोचा गया सरगना
यूपी एटीएस की विशेष टीम ने पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से मूर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज थाना क्षेत्र में छापेमारी की। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एटीएस ने 25 हजार के इनामी आरोपी सद्दाम को घेरकर गिरफ्तार कर लिया। सद्दाम पिछले काफी समय से अपनी पहचान छिपाकर यहां रह रहा था और यहीं से अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने उसे स्थानीय अदालत में पेश किया और ट्रांजिट रिमांड हासिल कर उसे उत्तर प्रदेश ले आई है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है।
रोहिंग्या और विदेशी नागरिकों के बनाते थे फर्जी कागजात
जांच में बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह गिरोह भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले रोहिंग्या, बांग्लादेशी और नेपाली नागरिकों को भारत में स्थायी रूप से बसाने के लिए काम करता था। आरोपी सद्दाम और उसके साथी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और स्कूल के जाली कागजात तैयार करते थे। इन फर्जी कागजातों की आड़ में वे अवैध रूप से भारत में घुसे विदेशी नागरिकों के नाम पर मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड और अन्य सरकारी पहचान पत्र जारी करवा देते थे।
हाईटेक तकनीकों और VPN का करते थे इस्तेमाल
एटीएस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के तार काफी गहराई तक जुड़े हुए हैं। आरोपी सरकारी पोर्टल और नामांकन प्रणालियों में सेंध लगाने के लिए वीपीएन (VPN) तकनीक का सहारा लेते थे। फर्जी लॉगिन क्रेडेंशियल और दूरस्थ एक्सेस का उपयोग करके ये आरोपी आधिकारिक सर्वर तक पहुंचते थे और डेटा में हेरफेर करते थे। इस तकनीक के जरिए वे अधिकारियों को चकमा देकर अवैध कागजात स्वीकृत करवा लेते थे।
अब तक 17 आरोपी गिरफ्तार, डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी
उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार में फैले इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ एटीएस लगातार कार्रवाई कर रही है। अब तक इस रैकेट से जुड़े 17 आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया जा चुका है। सद्दाम की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन और कुछ संदिग्ध डिजिटल दस्तावेज जब्त किए हैं। एटीएस के साइबर एक्सपर्ट्स मोबाइल के डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स की फॉरेंसिक जांच कर रहे हैं ताकि गिरोह के बाकी साथियों, वित्तीय लेन-देन और फर्जी तरीके से बनाए गए पहचान पत्रों की पूरी सूची तैयार की जा सके।