नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण के गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पश्चिम बंगाल तक पहुंच गया है। बीजेपी विधायक और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रा चटर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कथित तौर पर गीत के अपमान पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने सोनिया गांधी से देशवासियों और खासकर पश्चिम बंगाल की जनता से बिना शर्त माफी मांगने की अपील की है।
‘यह सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण नहीं, ऐतिहासिक भूल की पुनरावृत्ति’
सुमित्रा चटर्जी ने अपने पत्र में लिखा कि स्वतंत्रता दिवस के दिन हुई यह घटना केवल दुर्भाग्यपूर्ण नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक भूल की पुनरावृत्ति है। उन्होंने खुद को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का प्रत्यक्ष वंशज बताते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ को लेकर सामने आए घटनाक्रम ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरी पीड़ा पहुंचाई है।
‘शहीदों के बलिदान का अपमान’
पत्र में सुमित्रा चटर्जी ने ‘वंदे मातरम्’ को स्वतंत्रता आंदोलन और देश के शहीदों के बलिदान से जुड़ा राष्ट्रीय प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस गीत का सम्मान करना भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की विरासत का सम्मान करना है।
कांग्रेस के इतिहास का भी किया जिक्र
सुमित्रा चटर्जी ने पत्र में ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक सफर का उल्लेख करते हुए 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवींद्रनाथ ठाकुर द्वारा इसके गायन की बात कही। उन्होंने 1905 के बंग-भंग विरोधी आंदोलन में भी ‘वंदे मातरम्’ की महत्वपूर्ण भूमिका का जिक्र किया।
‘वंदे मातरम् किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं’
सुमित्रा चटर्जी ने कांग्रेस पर कथित दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है। उनके मुताबिक यह देश की सामूहिक चेतना, बंकिम चंद्र की विरासत और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से जुड़ा राष्ट्रीय प्रतीक है।
विवाद पर कांग्रेस की सफाई भी सामने आई
दरअसल, 15 अगस्त को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण के गायन के दौरान सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के इशारों को लेकर बीजेपी ने सवाल उठाए थे। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व गीत को बीच में रोकना चाहता था। हालांकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश के अनुसार सोनिया गांधी, लंबे समय से खड़े मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी लाने का संकेत दे रही थीं और गीत को रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई।
सुमित्रा चटर्जी की सोनिया गांधी से मांग
सुमित्रा चटर्जी ने अपने पत्र के अंत में सोनिया गांधी से इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की अपील की। उन्होंने कहा कि इतिहास उन लोगों को माफ नहीं करता जो स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रतीकों और उसके महत्व को समझने में विफल रहते हैं।