कोलकाता/नदिया: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के निर्णायक दूसरे चरण के मतदान से महज कुछ घंटे पहले नदिया जिला बम आतंक की चपेट में है। चकदाह थाना क्षेत्र के मदनপুর गांगुलीपारा इलाके में बम मिलने की खबरों के बाद पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इस घटना ने शांतिपूर्ण मतदान के दावों के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
1500 से अधिक उपद्रवी गिरफ्तार, NIA की पैनी नजर
चुनाव आयोग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्यभर में बड़े पैमाने पर धरपकड़ शुरू कर दी है। पिछले 36 घंटों के भीतर दक्षिण बंगाल समेत विभिन्न जिलों से 1500 से अधिक असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया गया है। नदिया समेत कई संवेदनशील जिलों में अवैध हथियार और विस्फोटक बरामद करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीमों को भी मोर्चे पर लगाया गया है।
चुनाव आयोग का 'अल्टीमेटम'— नपेंगे थानेदार!
चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सभी थानों के प्रभारियों (OC/IC) को निर्देश दिया है कि बम मिलने या मतदाताओं को धमकाने की शिकायत पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आयोग ने साफ कर दिया है कि यदि कार्रवाई में देरी हुई, तो संबंधित थाने के ओसी (OC) या आईसी (IC) के खिलाफ सीधी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
हिंसा मुक्त चुनाव के लिए पुख्ता तैयारी
राज्य के मुख्य चुनावी अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने आश्वासन दिया है कि मतदाता पूरी तरह से निर्भय होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने भी स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्रों के साथ-साथ वहां पहुंचने वाले रास्तों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। दक्षिण 24 परगना और कोलकाता के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक कर पुलिस और केंद्रीय बलों को उनकी जिम्मेदारी समझा दी गई है।गौरतलब है कि बुधवार (29 अप्रैल) को दूसरे चरण में कुल 142 सीटों पर मतदान होना है। आयोग की प्राथमिकता है कि जिस तरह पहले चरण की 152 सीटों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हुआ था, उसी प्रकार इस बार भी हिंसा की कोई गुंजाइश न रहे।