कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से पहले चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि किसी भी क्षेत्र में मतदाताओं को डराने, धमकाने या मतदान से रोकने की कोशिश की जाती है, तो पुलिस तुरंत कड़ी कार्रवाई करेगी।
हर जिले को भेजी गई विशेष अधिसूचना
मंगलवार को प्रत्येक जिला और पुलिस कमिश्नरेट को नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षकों की ओर से विशेष अधिसूचना भेजी गई। इसमें साफ कहा गया है कि मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के खिलाफ बिना देरी के कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बलों की मदद से आरोपियों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
142 सीटों पर होगा निर्णायक मतदान
बुधवार को दक्षिण बंगाल के 7 जिलों की कुल 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। इनमें कई सीटें राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जा रही हैं। पहले चरण का मतदान अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा था, जिसके बाद आयोग दूसरे चरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
न्यूटाउन में शुरू हुआ कंट्रोल रूम
चुनावी निगरानी को और मजबूत करने के लिए न्यूटाउन में केंद्रीय बलों और पुलिस के समन्वय के लिए विशेष कंट्रोल रूम भी शुरू किया गया है। यहां से पूरे दक्षिण बंगाल की संवेदनशील सीटों पर नजर रखी जा रही है।
अब तक 2300 लोगों पर कार्रवाई
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, सोमवार रात तक 809 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं दूसरे चरण के मतदान से पहले अब तक कुल 2300 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। आयोग का कहना है कि निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
चुनाव आयोग का स्पष्ट संदेश
आयोग ने साफ कर दिया है कि लोकतंत्र में मतदाता का अधिकार सर्वोपरि है और किसी भी कीमत पर उसे प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि हर बूथ पर सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए।