कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कल (29 अप्रैल) होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रशासन ने एक अनोखी और सराहनीय पहल की है। इस बार चुनावी मैदान में केवल उम्मीदवार ही नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को संचालित करने की कमान भी महिलाओं के हाथों में सौंपी गई है। शहर में 'पिंक बूथ' (Pink Booths) के साथ-साथ अब 'गुलाबी पुलिस गाड़ियां' (Pink Patrol Cars) भी सुरक्षा और निगरानी का जिम्मा संभालेंगी।
महिला संचालित बूथ: सशक्तिकरण की नई तस्वीर
चुनाव आयोग ने इस बार "केवल महिलाओं के लिए बूथ" की विशेष पहल की है। इन पिंक बूथों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ प्रिसाइडिंग ऑफिसर से लेकर पोलिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मी तक सभी महिलाएं होंगी। 160 रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के 'साउथ सिटी इंटरनेशनल स्कूल' में एक भव्य मॉडल बूथ बनाया गया है, जिसे विशेष रूप से सजाया गया है। आयोग का मानना है कि यह कदम न केवल प्रशासनिक है, बल्कि नारी शक्ति का एक दृश्यमान उदाहरण भी है।
लालबाजार की 'पिंक पेट्रोलिंग' गाड़ियां
कोलकाता पुलिस (लालबाजार) के सूत्रों के अनुसार, मतदान के दिन सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए 'पिंक बूथ' के साथ-साथ 'पिंक गाड़ियां' भी सड़कों पर उतरेंगी। इन वाहनों की खासियत यह है कि इनकी चालक (Driver) और इनमें तैनात पुलिसकर्मी सभी महिलाएं होंगी। ये गाड़ियां विशेष रूप से महिला मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मतदान केंद्रों के आसपास पैनी नजर रखने का काम करेंगी।
वोटर-फ्रेंडली और आरामदायक माहौल
इन मॉडल पिंक बूथों को मतदाता-अनुकूल (Voter-friendly) बनाया गया है। यहाँ पेयजल, बैठने की व्यवस्था और सहायता केंद्र जैसी सुविधाएं महिला वोटरों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस पहल के माध्यम से महिला मतदाताओं की भागीदारी को ऐतिहासिक स्तर तक ले जाया जाए। कल होने वाले दूसरे चरण के 142 सीटों के मतदान में ये 'ऑल-वुमेन बूथ' लोकतंत्र की एक नई और गौरवशाली तस्वीर पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। शांतिपूर्ण और भयमुक्त चुनाव के लिए प्रशासन की यह रणनीति चर्चा का विषय बनी हुई है।