कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन की लहर के बीच अब प्रशासनिक बदलाव भी दिखने लगे हैं। राज्य पुलिस और लालबाज़ार (कोलकाता पुलिस मुख्यालय) के निर्देश पर निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में बड़ी कटौती की गई है।
अभिषेक बनर्जी के आवास 'शांतिनिकेतन' का बदला नजारा
दक्षिण कोलकाता के हरीश मुखर्जी रोड स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास 'शांतिनिकेतन' के बाहर बुधवार सुबह 6:30 बजे से ही सुरक्षाकर्मियों ने अपना बोरिया-बिस्तर समेटना शुरू कर दिया।
चौकियां खाली: आवास के बाहर बने पुलिस कियोस्क अब पूरी तरह खाली हैं।
साजो-सामान हटाया गया: सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी अपने साथ कुर्सियां, पंखे और अन्य सामान लेकर रवाना हो गए।
सांसद स्तर की सुरक्षा: अब डायमंड हार्बर के सांसद के रूप में अभिषेक बनर्जी को जितनी सुरक्षा मिलनी चाहिए, उतनी ही बरकरार रखी जाएगी।
ममता बनर्जी के आवास पर भी सन्नाटा
इसी तरह का नजारा कालीघाट के हरीश चटर्जी स्ट्रीट पर भी देखा गया।
बैरिकेड्स हटे: मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाली गली के मुहाने पर लगे सीजर बैरिकेड्स मंगलवार को ही हटा दिए गए थे।
आम जनता के लिए रास्ता खुला: सालों से सुरक्षा कारणों से बंद यह रास्ता अब आम जनता के लिए खोल दिया गया है।
कियोस्क बंद: बुधवार सुबह तक वहां तैनात अतिरिक्त पुलिस बल को हटा लिया गया और पुलिस बूथ अब वीरान पड़े हैं।
लालबाज़ार का सख्त निर्देश
सूत्रों के अनुसार, लालबाज़ार मुख्यालय ने मंगलवार रात ही निर्देश जारी कर दिया था कि बुधवार सुबह तक इन इलाकों से अतिरिक्त सुरक्षा हटा ली जाए। इसके साथ ही अभिषेक बनर्जी के कैमैक स्ट्रीट स्थित कार्यालय की सुरक्षा भी कम कर दी गई है।
बंगाल की सत्ता अब भाजपा के हाथों में है, जिसके चलते निवर्तमान सरकार के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा व्यवस्था को 'नॉर्मलाइज' करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। कल तक जो इलाके पुलिस छावनी में तब्दील रहते थे, वहां अब शांति पसरी हुई है।