2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा 294 में से 207 सीटें जीतकर सत्ता हासिल करने और सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कोलकाता में सियासी माहौल गरमा गया है।
कालीघाट में प्रदर्शन और नारेबाजी
मुख्यमंत्री पद की शपथ के अगले ही दिन 9 मई 2026 को कोलकाता के कालीघाट स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के पास BJP समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘जय श्री राम’ और ‘चोर ममता’ जैसे नारे लगाए, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। हरीश चटर्जी स्ट्रीट पर बड़ी संख्या में समर्थक एकत्रित हो गए और कुछ समय के लिए माहौल गर्म हो गया।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर कोलकाता पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बल (CRPF) की तैनाती की गई। बताया जा रहा है कि चुनावी हार के बाद ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था में पहले ही कुछ बदलाव किए गए थे, जिसके चलते प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरती और इलाके को पूरी तरह सुरक्षित घेरा बना दिया।
राजनीतिक बदलाव का प्रभाव
पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह बदलाव ऐतिहासिक माना जा रहा है, जहां 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सत्ता से बाहर होना पड़ा है। BJP की भारी जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी ने 9 मई 2026 को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में राज्य के पहले BJP मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
राज्य में बढ़ा राजनीतिक तापमान
इस घटना को चुनावी परिणामों के बाद बढ़ते राजनीतिक तनाव के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर BJP समर्थक अपनी जीत का जश्न मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी खेमे में असंतोष और तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने हालात पर नजर बनाए रखने की बात कही है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।