Jaipur: राजस्थान (Rajasthan) में चुनाव आयोग ने घर से वोट यानी 'होम वोटिंग' का ऑप्शन दिया है। इसमें 80 साल की उम्र पार कर चुके बुजुर्गों और 40% तक दिव्यांग व्यक्तियों को यह सुविधा दी गई है। चुनाव आयोग ने ऐसे 18.5 लाख लोग चिह्नित किए हैं। मतदाताओं में इसे लेकर कई सवाल हैं। राज्य के विधानसभा चुनावों में ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब वोट फ्रॉम होम की सुविधा मांगने वाले वोटर्स को इसका फायदा मिल सकेगा।
30 अक्टूबर को लागू होगी अधिसूचना
वोट फ्रॉम होम की सुविधा के लिए सबसे जरूरी फॉर्म 12D है। जिसे आवेदनकर्ता BLO से ले सकते हैं। यह ऑनलाइन भी उपलब्ध है। 30 अक्टूबर को अधिसूचना लागू होगी उसके 5 दिन के भीतर यह आवेदन भरकर देना होगा। 9 नवंबर को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी हो जाएगी। इसके बाद वोट फ्रॉम होम की प्रोसेस शुरू हो जाएगी। जो 25 नवंबर को मुख्य वोटिंग से पहले यानी 24 नवम्बर तक चलेगी।
मत पत्र तैयार होते ही शुरू होगी वोटिंग
उदयपुर के एडीएम एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी (Rajasthan) शैलेष सुराणा ने बताया कि ऐसे मतदाताओं को अपने जिले के संबंधित BLO से संपर्क करना होगा। फॉर्म 12D ऑनलाइन भी उपलब्ध है। इसके अलावा BLO भी चुनाव आयोग की चिन्हित सूची के अनुसार मतदाताओं को फॉर्म भेजेंगे। 30 अक्टूबर को अधिसूचना लागू होगी उसके 5 दिन के भीतर यह आवेदन भरकर देना होगा। इसके बाद ही होम वोटिंग की सुविधा मांगने वालों को चिन्हित किया जा सकेगा। 9 नवंबर को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी हो जाएगी। यानी जब यह साफ हो जाएगा कि संबंधित विधानसभा सीट पर कौन-कौन प्रत्याशी हैं। इसके बाद मत पत्र प्रकाशित होते ही ये टीमें घर-घर जाकर ऐसे आवेदन करने वाले मतदाताओं से मतदान कराने लग जाएंगे। यह मतदान 25 नवंबर को मुख्य वोटिंग से पहले यानी 24 नवम्बर तक करा सकेंगे।
राजनीतिक दलों को भी भेजी जाएगी सूची
सुराणा ने बताया कि तय अवधि में ऐसे मतदाता फॉर्म 12D भरकर देंगे। उनके आवेदनों की जांच रिटर्निंग अधिकारी करेंगे और उसके बाद ही पूरी लिस्ट बनाई जाएगी। ये लिस्ट संबंधित राजनीतिक दलों को भी भेजी जाएगी। जिससे यह उनको पता चल सके कि ये मतदाता घर से ही वोट करने की सुविधा लेने वाले हैं। इसके बाद चुनाव आयोग से उम्मीदवारों की सूची फाइनल होने के बाद निर्वाचन विभाग मतपत्र छापेगा।
कैसे होगी घर से वोटिंग
अब समझें कैसे होगी घर पर वोटिंग उप जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेष सुराणा ने बताया कि सभी जिलों को सेक्टर में बांटा गया है। जैसे-उदयपुर जिले की आठ विधानसभा में 219 सेक्टर आफिसर लगा रखे है और हर सेक्टर के लिए टीमें तैयार की गई हैं। हर सेक्टर कार्यालय में डेली रूट चार्ट तैयार किया जाएगा। रूट वो होगा जिसमें मतदाताओं को वोटिंग कराने के लिए टीम जाएगी। जब वोटर्स तय हो जाएंगे उसके बाद घर से वोट की इस व्यवस्था के लिए पूरी पोलिंग पार्टी लगाई जाएगी। यानी कि हर सेक्टर के लिए न्यूनतम एक पोलिंग पार्टी होम वोटिंग के लिए होगी। लेकिन उस सेक्टर में ज्यादा मतदाता हैं तो पोलिंग पार्टी की संख्या भी बढ़ा दी जाएगी। लेकिन, ये आवेदन आने के बाद ही तय हो पाएगा।
करीब 10 से 15 मिनट एक मतदाता पर लगेंगे
सुराणा ने कहा- इसमें मतदाताओं से समय लेकर टीम मतदान (Rajasthan) कराने जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रयास यह रहेगा कि तय तिथि तक सभी मतदाता अपने मत का प्रयोग कर लें। इसमें टीम के घर के अंदर पहुंचने के बाद करीब 10 से 15 मिनट एक मतदाता पर लगेंगे। इसके तहत सेटअप लगाने के साथ अंदर उनके हस्ताक्षर, बैलेट पेपर जारी करने से लेकर मतदान कराने तक का काम होगा। पूरे राज्य में अलग-अलग जिलों में मतदान को लेकर कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। ऐसे में सबसे ज्यादा उत्सुकता होम वोटिंग को लेकर है। स्टेट लेवल ट्रेनर महामाया प्रसाद चौबीसा इसकी जानकारी दे रहे हैं। चौबीसा ने बताया कि पिछली बार उदयपुर के वल्लभनगर विधानसभा के उपचुनाव में यह व्यवस्था की गई थी। इन्हीं मतपेटियों में वोट को सुरक्षित रखा जाएगा। इसकी पूरी वीडियोग्राफी होगी।
घर में बनाएंगे मतदान केंद्र
उप जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेष सुराणा ने बताया कि पोलिंग पार्टी में पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी, विडियोग्राफर, माइक्रो ऑब्जर्वर, बीएलओ और सुरक्षाकर्मी की एक टीम होगी। जिस के घर मतदान होना है, वहां एक कमरे या अहाते में मतदान केंद्र जैसा कम्पार्टमेंट तैयार किया जाएगा। साथ में एक फोल्डिंग टेबल भी होगी। घर में ही कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद वोटिंग कम्पार्टमेंट बनाया जाएगा। जिसमें फोल्डिंग टेबल लगाई जाएगी। साथ में जो सीलबंद (बॉक्स) लेकर जाएंगे जिसमें मतदाता अपना वोट करने के बाद उसमें डाल देगा। जो मत पत्र दिया जाएगा इसमें जिस उम्मीदवार को वोट करना है उसके आगे राइट का निशान लगा देंगे। यह सारा काम सेक्टर आफिसर के सुपरविजन में काम होगा और वह पूरी टीम रिटर्निंग ऑफिसर को रिपोर्ट देंगे।
दो बार मिलेगा मौका
उप जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेष सुराणा ले बताया कि घर से वोट देने की पूरी रिपोर्ट रोजाना RO को दी जाएगी और फिर चुनाव आयोग को जयपुर मुख्यालय पर भेजी जाएगी। एक बार वोटर ने सूची में अंकित कर दिया कि वे घर से ही मतदान करना चाहते हैं तब वे चाह कर भी मतदान केंद्र से वोटिंग नहीं कर पाएंगे। आवेदन करने वाले मतदाता के घर चुनाव आयोग की टीम 2 बार जाएगी। पहली बार में नहीं मिलने पर दूसरी बार फोन पर समय पूछा जाएगा और उसके बाद ही टीम पहुंचेगी। तीसरी बार अवसर नहीं मिलेगा।
मतदान करते समय नहीं कर पाएंगे वीडियोग्राफी
इसमें मतदाता ध्यान रखें कि जो पता फॉर्म (Rajasthan) में भरा है केवल उसी पते पर मतदान कराया जा सकेगा। टीम किसी भी अन्य जगह पर मतदान कराने नहीं जाएगी। इसलिए अपने एड्रेस वही भरें जहां आप नवम्बर माह में रहने वाले हैं। टीम शेड्युल के हिसाब से ही वोट करवाएगी। फिर चाहे आपके पड़ोस में भी होम वोटिंग के लिए किसी ने अप्लाई किया हो। जिस दिन उसका शेड्यूल होगा उसी दिन वोटिंग संभव हो पाएगी। टीम जब वोट कराने जाएगी तब पूरा सत्यापन करेगी। सबसे पहले तो उसके नाम व पता को लेकर दस्तावेज से सत्यापन करेगी। इसके बाद वोट देने के लिए पूरा सेटअप लगाया जाएगा। इसमें जो सूची होगी उसमें मतदाता के हस्ताक्षर कराएंगे, इसके बाद उसको मत पत्र इश्यू किया जाएगा। पूरे रास्ते वीडियोग्राफर साथ चलेगा। लेकिन, मतदान करते समय वह किसी भी वोटर की वीडियोग्राफी नहीं कर पाएगा। यह गोपनीय रहेगा, ताकि वोटर ने किसे मत दिया है यह गोपनीय रहे। जब टीम घर पहुंच जाएगी तो सबसे पहले वीडियोग्राफर उतरेगा। वह टीम के उतरने से लेकर उसके घर जाने से लेकर पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड करेगा। जब वोट देने की बारी आएगी तब उसके मत की गोपनीयता बनी रहे इसके लिए वहां की रिकॉर्डिंग नहीं की जाएगी।