Jaipur: भारतीय सेना से सेवानिवृत्त 75 वर्षीय ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह गुलिया 1 लाख कदम पैदल (Rajasthan News) चलकर भारतीय सेना के सिख रेजीमेंट जवानों व अधिकारियों को सेल्यूट करेंगे। इन जवानों के देश के प्रति समर्पण और त्याग को 91 किमी की दूरी तय कर अपने अंदाज में सम्मान देंगे। इस वॉक की शुरूआत वे जयपुर में महादेव नगर चित्रकूट स्थित अपने घर से करेंगे।
क्यों मनाया जाता है इन्फैंट्री दिवस?
इसकी शुरूआत 27 अक्टूबर को इन्फैंट्री दिवस पर रात 1 बजे करेंगे। पैदल चलने के लिए इन्होंने इस दिन को चुना क्योंकि इंडियन आर्मी 27 अक्टूबर 1947 को बडगाम हवाई अड्डे पर उतरी थी, उसमें सिख रेजीमेंट का पहला सिख वहां पर पहुंचा था। उसके बाद 4 कुमाऊं बटालियन वहां पहुंची थी, उसी दिन से इन्फैंट्री दीवस मनाया जाने लगा। देश में इस बार 76वां इन्फैंट्री डे मनाया जाएग। गौरतलब है कि कुलदीप सिंह बीते 10 सालों में अरावली की पहाड़ियों पर बने जयगढ़, नाहरगढ़ व जैन मंदिर जैसे सभी क्षेत्रों को अकेले कवर चुके हैं।कौन है कुलदीप सिंह?
मूल रूप से जयपुर से हैं। मिलिट्री स्कूल अजमेर (Rajasthan News) से पढ़ाई पूरी की। चौथी जनरेशन को फौजी रहे। इन्होंने 2005 में रिटायरमेंट से पहले पदयात्रा शुरू कर दी थी। करियर की बात करें तो 1968 में भारतीय सेना के हिस्सा बने। 1972 में कमीशन हुए। सर्विस में रहते हुए पीएचडी पूरी की। दो इनसाइक्लोपीडिया तैयार की। इसमें ह्यूमन इकोलॉजी पर 5 वाल्यूम और हिमालय पर 15 वॉल्यूम की रही।इन ऑपरेशन्स में रहे भागीदार
- 1981 से 1984 तक मिजोरम के जंगलों में कई ऑपरेशन का हिस्सा रहे।
- जम्मू एंड कश्मीर के कुपवाड़ा इलाके में सिख रेजीमेंट के 'आगे कदम बटालियन' में 1987-1992 तक सेवाएं दी।
- कश्मीर में करीब 15 साल लाइन ऑफ कंट्रोल पर ऑपरेशन का हिस्सा रहे।
- सिक्किम के हाई ऑल्टीट्यूड पर 1997 से 2001 तक स्पेशल फोर्स की कमान संभाली