हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित श्रावण (सावन) मास का शुभारंभ आज से हो गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महीना भगवान शिव को सबसे अधिक प्रिय होता है। इस दौरान शिव भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, सोमवार व्रत और विशेष पूजा-अर्चना कर महादेव की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। इस वर्ष सावन का समापन 28 अगस्त को होगा। वहीं सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त और सावन शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी।
सावन में क्यों खास होती है शिव पूजा?
मान्यता है कि सावन माह में भगवान शिव की श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन की अनेक परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस पूरे महीने देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। कांवड़ यात्रा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक जैसे धार्मिक अनुष्ठानों का भी विशेष महत्व माना जाता है।
ऐसे करें भगवान शिव की पूजा
सावन में सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और शिव मंदिर या घर में शिवलिंग का पूजन करें। सबसे पहले शिवलिंग पर गंगाजल या शुद्ध जल से अभिषेक करें। इसके बाद कच्चा दूध, दही, शहद और जल अर्पित करें। फिर बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भस्म, चंदन और सफेद पुष्प अर्पित करें। पूजा के दौरान "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ करें। अंत में भगवान शिव की आरती कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करें।
सोमवार व्रत का विशेष महत्व
सावन के सोमवार का व्रत बेहद फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने और भगवान शिव का जलाभिषेक करने से विवाह, संतान, स्वास्थ्य, करियर और परिवार से जुड़ी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अविवाहित युवक-युवतियां योग्य जीवनसाथी की कामना से भी सावन सोमवार का व्रत रखते हैं।
शनिदोष और ग्रह बाधा से राहत के लिए करें यह उपाय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या अन्य ग्रह दोषों का प्रभाव है, वे सावन के पहले दिन शिवलिंग पर जल में काला तिल मिलाकर अर्पित करें। ऐसा करने से शनिदोष के प्रभाव में कमी आने और जीवन में सकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है।
11 अगस्त को मनाई जाएगी सावन शिवरात्रि
सावन माह में आने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि मनाई जाएगी। इस दिन रुद्राभिषेक, रात्रि जागरण, शिव मंत्रों का जाप और व्रत करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होने की मान्यता है।
सावन में किन बातों का रखें ध्यान?
श्रावण मास के दौरान सात्विक जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जाती है। इस अवधि में मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। कई धार्मिक परंपराओं में बाल, नाखून और दाढ़ी कटवाने से भी बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही विवाद, क्रोध और कटु वचन से दूर रहकर भगवान शिव का स्मरण करना शुभ माना जाता है।